Shimla News Today: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली क्षेत्र से एक अत्यंत हृदयविदारक समाचार सामने आया है। बीते दिनों संजौली में एक निर्माणाधीन भवन से गिरी ईंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हुए 14 वर्षीय छात्र तनिष्क कौशल ने आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी है। बता दें कि पिछले 11 दिनों से आईजीएमसी (IGMC) शिमला में मौत से संघर्ष कर रहे तनिष्क ने रविवार सुबह अंतिम सांस ली। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ रोष की लहर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा 29 अप्रैल को पेश आया था। तनिष्क कौशल, जो नौवीं कक्षा का छात्र था, अपने स्कूल से घर वापस लौट रहा था। संजौली इलाके में एक निर्माणाधीन भवन के पास से गुजरते समय अचानक ऊपर से एक ईंट गिरी, जो सीधे तनिष्क के सिर पर जा लगी। चोट इतनी गहरी थी कि छात्र लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत आईजीएमसी शिमला ले जाया गया।
अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने तनिष्क की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत आपातकालीन विभाग से आईसीयू (ICU) में स्थानांतरित कर दिया था। डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार छात्र की जान बचाने के प्रयासों में जुटी हुई थी। इस दौरान चिकित्सकों ने तनिष्क के सिर का ऑपरेशन भी किया, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि उसकी स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हो सका। वह पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर और जीवन रक्षक प्रणाली पर था।
तनिष्क के पिता पवन कुमार, जो स्वयं आईजीएमसी में कार्यरत हैं, ने अपने पुत्र को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। परिजनों ने बताया कि इलाज के दौरान मासूम को 11 यूनिट खून भी चढ़ाया गया था। परिवार और शुभचिंतक लगातार उसकी सलामती की दुआएं मांग रहे थे और सभी को उम्मीद थी कि तनिष्क स्वस्थ होकर घर लौटेगा। परंतु, रविवार सुबह आईजीएमसी के सीएमओ डॉ. महेश ने छात्र की मृत्यु की पुष्टि कर दी।
उधर, इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवन के मालिक शांता लाल चौपड़ा को गिरफ्तार कर लिया है। छात्र की मां की शिकायत पर संजौली थाना में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। अब मौत के बाद इस मामले में पुलिस ने कठोर कानूनी धाराएं जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंपने की तैयारी की जा रही है।
मृतक छात्र की मां ने भवन निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान राहगीरों और आम जनता की सुरक्षा के लिए जाल या अन्य कोई सुरक्षा कवच नहीं लगाया गया था। यदि निर्माण स्थल पर नियमानुसार सुरक्षा व्यवस्था की गई होती, तो शायद इस मासूम की जान नहीं जाती। तनिष्क का परिवार संजौली के समिट्री इलाके में रहता था और उसकी इस अकाल मृत्यु से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
उधर, घटना पर स्थानीय निवासियों ने भी इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है। लोगों का कहना है कि शिमला के भीड़भाड़ वाले इलाकों में धड़ल्ले से चल रहे निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रशासन की ढिलाई के कारण निर्माण स्थलों पर कोई निगरानी नहीं होती, जिसका खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। जानकारी के मुताबिक तनिष्क का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव जिला ऊना में किया जाएगा।
















