West Bengal CM Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक नया अध्याय शुरू हो गया है। लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दबदबे वाले इस राज्य में अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार का विधिवत आगाज़ हो गया है। भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। यह राज्य के इतिहास में पहला अवसर है जब बंगाल की सत्ता की बागडोर भाजपा के किसी मुख्यमंत्री के हाथों में सौंपी गई है।
उल्लेखनीय है कि इस ऐतिहासिक समारोह में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं मौजूद रहे, जिससे इस कार्यक्रम की राजनीतिक अहमियत और अधिक बढ़ गई। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल आरएन रवि ने सुवेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान पूरा मैदान समर्थकों के उत्साह से भरा हुआ था।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित यह शपथ ग्रहण समारोह बंगाल की राजनीति का सबसे ऐतिहासिक पल है। भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जिसने ममता बनर्जी के लगातार तीन बार के शासन को उखाड़ फेंका है। सुवेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण के साथ ही नई मंत्रिपरिषद के चेहरों ने भी जिम्मेदारी संभाल ली है। सुवेंदु अधिकारी के ठीक बाद वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली।
बता दें कि शपथ लेने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित मंच पर उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं का आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही आसनसोल दक्षिण से विधायक और भाजपा का प्रमुख महिला चेहरा अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। फैशन डिजाइनर से सक्रिय राजनीति में आईं अग्निमित्रा पॉल को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना महिला नेतृत्व को सशक्त करने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
मंत्रिमंडल विस्तार की इसी कड़ी में बनगांव उत्तर से विधायक अशोक कीर्तनिया, रानीबांध से विधायक खुदीराम टुडू और माथाभंगा सीट से विधायक निसिथ प्रामाणिक ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली। इन नामों के चयन से यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने बंगाल के भौगोलिक और सामाजिक संतुलन को साधने की पूरी कोशिश की है। उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक के प्रतिनिधियों को नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं ताकि विकास की धारा को राज्य के हर कोने तक पहुंचाया जा सके।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पद के लिए सुवेंदु अधिकारी के नाम का औपचारिक ऐलान शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में किया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम की घोषणा की थी, जिसके बाद सुवेंदु अधिकारी ने सीधे राजभवन जाकर राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया था। इस घोषणा के साथ ही बंगाल में भाजपा की पहली सरकार बनने का संवैधानिक रास्ता साफ हो गया था। 15 साल बाद तृणमूल कांग्रेस के शासन का अंत होना राज्य की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा फेरबदल माना जा रहा है।
इस शपथ ग्रहण समारोह की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश भर के दिग्गज राजनेताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कोलकाता पहुंचे। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, स्मृति ईरानी और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
वहीं गठबंधन के साथियों में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, चिराग पासवान, मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति ने इसे राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक मंच बना दिया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी मंच पर प्रमुखता से नजर आए। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह सत्ता परिवर्तन केवल एक पार्टी का आना नहीं है, बल्कि बंगाल की प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यशैली में एक बड़े बदलाव की शुरुआत है।
















