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Sirmour News: पत्नी के प्रति दुर्भावना और बुरी नीयत, सूरज हत्याकांड के दोषी मनीष को अदालत ने उम्रकैद

Paonta Sahib Murder Case Verdict: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में तीन साल पहले हुए सूरज हत्याकांड के दोषी मनीष को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, मामले की तहकीकात में बहू पर बुरी नजर रखने का विवाद सामने आया था।
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Sirmour News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर स्थित पांवटा साहिब की एक अदालत ने करीब तीन साल पुराने एक सनसनीखेज हत्याकांड में अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश कपिल शर्मा की अदालत ने सूरज नामक युवक की हत्या के मामले में मनीष को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

उपजिला न्यायावादी जतिन्द्र शर्मा ने अदालती फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोषी मनीष, जो मद्रासी कॉलोनी देवीनगर (पांवटा साहिब) का निवासी है, उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 और 201 के तहत दोषी पाया गया है। सजा के तहत उसे ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे रहना होगा। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।

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जानकारी के मुताबिक इस पूरे मामले की शुरुआत 4 अगस्त 2021 को हुई थी, जब उत्तराखंड के देहरादून की निवासी लक्ष्मी (मृतक की मां) ने अपनी बहू दया के साथ पांवटा साहिब पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनका बेटा सूरज अपनी पत्नी दया और बच्चों के साथ देवीनगर में रहता था और अचानक 27 जुलाई 2021 की शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था।

परिजनों द्वारा तलाश के दौरान सूरज का शव 29 जुलाई 2021 को हरियाणा के छछरोली में यमुना नदी के किनारे बरामद हुआ था। जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि मनीष काफी समय से सूरज की पत्नी दया पर बुरी नजर रखता था। इस बात को लेकर सूरज और मनीष के बीच पहले भी तीखी बहस और विवाद हो चुका था। सूरज के लापता होने वाले दिन उसे एक फोन कॉल भी आया था।

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पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज इस मामले में अहम कड़ी साबित हुए। जब परिजनों ने सूरज की तलाश करते हुए यमुना पुल पर लगे कैमरों की फुटेज जांची, तो पाया गया कि 27 जुलाई 2021 को सूरज एक रिक्शा पर मनीष के साथ विकासनगर की ओर जा रहा था। इसी पुख्ता सबूत ने पुलिस की जांच को मनीष की ओर मोड़ा और अंततः इस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।

तीन साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद, अदालत ने पाया कि मनीष ने ही सूरज की हत्या की थी और सबूतों को मिटाने के उद्देश्य से शव को यमुना किनारे फेंक दिया था। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने सफलतापूर्वक यह साबित किया कि हत्या के पीछे का मुख्य कारण आरोपी की मृतक की पत्नी के प्रति दुर्भावना और बुरी नीयत थी। अब इस फैसले के बाद मृतक के परिवार ने राहत की सांस ली है।

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