Himachal News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा जुबानी हमला बोला है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के राहत कार्यों के लिए घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक न मिलने पर मुख्यमंत्री ने भाजपा नेताओं को आड़े हाथों लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश हित के मुद्दों को उठाने के लिए भाजपा के नेताओं को परवाणू से नीचे भी जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता जनहित की बात करने के बजाय केवल सोशल मीडिया पर बने रहने में रुचि रखते हैं। मुख्यमंत्री सुक्खू ने खुलासा किया कि शिमला स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय ‘दीपकमल’ में सोशल मीडिया के संचालन के लिए 50 लोगों की एक विशेष टीम बनाई गई है। इस टीम का मुख्य काम केवल सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार फैलाना है।

उन्होंने अपना व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए बताया कि लगभग 20 वर्ष पहले उन्होंने हिमाचल प्रदेश में 14 लाख रुपये का एक प्लॉट खरीदा था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत बढ़कर करीब 2 करोड़ रुपये हो गई है। भाजपा की सोशल मीडिया टीम द्वारा इस सामान्य संपत्ति के मामले को भी गलत तरीके से प्रचारित कर दुष्प्रचार का माध्यम बनाया गया।
राज्य में बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार के सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द ही किया जाएगा। इस संबंध में कांग्रेस पार्टी हाईकमान के साथ पहले दौर की विस्तृत चर्चा पूरी हो चुकी है। अब दूसरे दौर की बातचीत के बाद जैसे ही पार्टी आलाकमान से अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
प्रशासनिक पुनर्गठन और राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय सेवाओं (IAS, IPS और IFS) के अधिकारियों के कैडर में कटौती के निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य को अधिकारियों की आवश्यकता निश्चित रूप से है, लेकिन यह एक तय सीमा के भीतर होनी चाहिए। आवश्यकता से अधिक अधिकारियों की तैनाती से हिमाचल प्रदेश पर अनावश्यक वित्तीय और आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने प्रशासनिक कैडर को सीमित करने का कठोर कदम उठाया है।
आगामी विधानसभा सत्र के संदर्भ में मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और विपक्ष के रवैये पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर के कार्यकाल के दौरान कभी भी 10 दिनों का विधानसभा सत्र नहीं बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष मांग करे तो सरकार सत्र की अवधि बढ़ाने को तैयार है, लेकिन सदन के भीतर वास्तविक मुद्दों पर सार्थक बहस होनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार के सत्र में सत्ता पक्ष भी विपक्ष से गंभीर सवाल पूछेगा।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरियों और भर्तियों के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के बयानों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को लगातार नियुक्तियां दी जा रही हैं। हाल ही में जेबीटी, लेक्चरर, असिस्टेंट और स्टाफ नर्स के पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया से नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को राज्य में हुआ ‘व्यवस्था परिवर्तन’ दिखाई नहीं देता। सुक्खू ने दोहराया कि वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं होने दिया जाएगा।
खराब मौसम और कार्यक्रमों में बदलाव की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिकूल मौसम के कारण कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा देउरी स्कूल के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं। मंडी में आई आपदा के समय प्रियंका गांधी ने स्कूल के क्षतिग्रस्त पुराने भवन का निरीक्षण किया था और इसके नए भवन के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित रहने का आश्वासन दिया था। आज उनके राजनीतिक सलाहकार ने विद्यार्थियों के समक्ष उनका संदेश पढ़ा। अब प्रियंका गांधी के अक्टूबर महीने में इस स्कूल में आने का नया कार्यक्रम तय किया जाएगा।


















