Himachal Politics: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी राजनीतिक खींचतान और बयानों का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। प्रदेश वन विकास निगम के उपाध्यक्ष केहर सिंह खाची का एक विवादित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें उन्होंने ठियोग से वर्तमान कांग्रेस विधायक और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर पर तीखा राजनीतिक हमला किया है।
केहर सिंह खाची ने अपने वायरल बयान में कहा कि वर्तमान में ठियोग क्षेत्र से विधायक कुलदीप सिंह राठौर को पहले क्षेत्र के अंदर 11 लोग भी नहीं पहचानते थे। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एकजुट होकर उन्हें चुनाव जितवाकर दिया। इसके साथ ही खाची ने आगे आने वाले समय में टिकट मिलने की इच्छा जताते हुए कहा कि विधायक बनने की चाहत हर किसी की होती है।

केहर सिंह खाची के इस बयान के बाद ठियोग क्षेत्र के साथ-साथ राज्य स्तर की राजनीति में भी सुगबुगाहट बढ़ गई है। बयान को लेकर पार्टी के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी मतभेद के रूप में देखा जा रहा है।
इस राजनीतिक टिप्पणी के बाद प्रदेश सरकार के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से कुलदीप सिंह राठौर के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त किया। विक्रमादित्य सिंह ने लिखा कि कुछ जननेताओं को किसी औपचारिक परिचय की आवश्यकता नहीं होती; उनका दशकों का संघर्ष, अटूट निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण ही उनकी वास्तविक पहचान बनता है। उन्होंने कुलदीप सिंह राठौर को हिमाचल प्रदेश की राजनीति का एक सशक्त और प्रतिष्ठित नाम बताया।
विक्रमादित्य सिंह ने राठौर के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि छात्र राजनीति में एनएसयूआई (NSUI) के प्रांतीय धरातल से अपनी यात्रा शुरू करके प्रदेश कांग्रेस कमेटी (HPCC) के अध्यक्ष और फिर AICC के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद तक पहुँचना उनकी अद्वितीय सांगठनिक क्षमता का प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रहते हुए राठौर ने पूरे हिमाचल में पार्टी की जड़ों को मजबूत किया और अनगिनत युवाओं को आगे बढ़ाया। विक्रमादित्य सिंह ने ठियोग-कुमारसैन विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा, बागवानी और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विधायक राठौर के कार्यों की सराहना करते हुए इसे जनसेवा का अनुकरणीय उदाहरण बताया।


















