Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

Shimla News: महिला का मूर्ति के समीप जाने पर जातिगत अपमान और बकरा चढ़ाने की शर्त…’ आरोपी सुमन शर्मा दोषी करार, 6 महीने की सजा के साथ जुर्माना

Shimla Court SC ST Act Verdict: शिमला की विशेष अदालत ने धार्मिक स्थल पर महिला के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और मंदिर की पवित्रता के नाम पर बकरा चढ़ाने की शर्त रखने वाले दोषी को छह महीने की कैद की सजा सुनाई है।
By PNT
Published on: 18 August 2026
Shimla News, Minor Rape Case Decision: Shimla News: Sirmour News

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। धार्मिक स्थल की मर्यादा भंग करने और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से संबंधित मामले में विशेष अदालत ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट), शिमला भुवनेश अवस्थी की अदालत ने कोटखाई निवासी सुमन चंद शर्मा को एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दोषी करार देते हुए छह महीने के साधारण कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

दरअसल यह मामला शिमला जिले के कोटखाई क्षेत्र स्थित बगाहर गांव का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला अपने परिवार के सदस्यों के साथ गांव में आयोजित एक धार्मिक समारोह में शामिल होने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल पर वह उस स्थान के समीप पहुंची, जहां देवता की मूर्ति रखी गई थी।

अदालत के समक्ष प्रस्तुत मामले और जांच रिपोर्ट के अनुसार, वहां मौजूद आरोपी सुमन चंद शर्मा ने महिला के देवता की मूर्ति के पास पहुंचने पर सख्त आपत्ति जताई। आरोपी ने महिला से कहा कि उसके वहां पहुंचने से धार्मिक स्थल की मर्यादा को ठेस पहुंची है। इसके साथ ही आरोपी ने मंदिर की पवित्रता को पुनः शुद्ध करने के नाम पर महिला के सामने बकरा चढ़ाने की अनुचित शर्त भी रख दी।

घटना के दौरान सिर्फ मंदिर की मर्यादा का मुद्दा ही नहीं उठाया गया, बल्कि शिकायतकर्ता पक्ष के खिलाफ अपमानजनक और जातिसूचक शब्दों का भी खुलकर इस्तेमाल किया गया। इस घटना से व्यथित होकर पीड़ित पक्ष ने कानून का सहारा लिया और इसके बाद मामले की लिखित शिकायत के आधार पर कोटखाई पुलिस थाने में औपचारिक मुकदमा दर्ज किया गया।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की और पूरी जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ ठियोग को सौंपी। पुलिस जांच टीम ने मौके पर जाकर साक्ष्य जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने सभी आवश्यक सबूतों के साथ अदालत में विस्तृत चार्जशीट दाखिल की।

न्यायिक प्रक्रिया के दौरान अदालत में दोनों पक्षों की ओर से जोरदार बहस और दलीलें पेश की गईं। विशेष न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने पुलिस जांच के तथ्यों, गवाहों के बयानों और कानूनी दलीलों का गहनता से अवलोकन किया। दोनों पक्षों को विस्तार से सुनने के पश्चात विशेष अदालत ने आरोपी सुमन चंद शर्मा को संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया।

विशेष अदालत ने अपने अंतिम फैसले में दोषी सुमन चंद शर्मा को छह महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोषी पर 5,000 रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी व्यक्ति जुर्माने की निर्धारित राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे एक महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

कानूनी विशेषज्ञों और स्थानीय समाज के अनुसार, यह फैसला अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस मामले में धार्मिक स्थल की मर्यादा से जुड़े आरोपों के साथ-साथ जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान का गंभीर पहलू भी शामिल था। अदालत के इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक उत्पीड़न के मामलों में कानून का रुख सख्त है।

Himachal Pradesh NewsKotkhai NewsSC ST ActShimla Court VerdictShimla News

Join WhatsApp

Join Now