Nalagarh Grenade Case: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नालागढ़ उपमंडल स्थित माजरा गांव में दो पक्षों के बीच हुए आपसी विवाद की जांच के दौरान दो जिंदा ग्रेनेड बरामद होने के सनसनीखेज मामले ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पुलिस द्वारा की जा रही जांच की आंच अब केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर तक पहुंच चुकी है। स्थानीय ग्रामीणों से की गई शुरुआती पूछताछ के दौरान यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है कि मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद उर्फ बाऊ के घर के आसपास जम्मू-कश्मीर के पंजीकरण नंबरों वाली कुछ संदिग्ध गाड़ियां देखी गई थीं।
हालांकि, पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि इन वाहनों या उनके मालिकों का इस ग्रेनेड बरामदगी मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान स्थिति में जम्मू-कश्मीर का यह कनेक्शन जांच का केवल एक प्रमुख पहलू है, जिसे अभी स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा रहा है। पुलिस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर एक बिंदु का बारीकी से सत्यापन कर रही है।

इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी रशीद मोहम्मद, उसकी पत्नी किरना और उसके भाई सलीम मोहम्मद निवासी माजरा को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को पांच अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड अवधि के दौरान सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों से लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं ताकि घटना के पीछे के पूरे तंत्र का पर्दाफाश किया जा सके।
उधर मामले की गंभीरता को देखते हुए बद्दी पुलिस ने डीएसपी नालागढ़ की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी रिमांड के दौरान आरोपियों से ग्रेनेड के मूल स्रोत, उन्हें माजरा गांव तक लाने की परिस्थितियों और इस पूरे प्रकरण में किसी अन्य बाहरी व्यक्ति या नेटवर्क की संभावित भूमिका पर गहनता से सवाल-जवाब कर रही है। इसके साथ ही, मुख्य आरोपी रशीद के ट्रक चालक के रूप में किए गए दौरों और उसकी पूरी ट्रैवल हिस्ट्री को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रशीद अपने पेशे के सिलसिले में किन-किन राज्यों में यात्राएं करता था और उन दौरों के दौरान वह किन-किन लोगों के संपर्क में आया। शुरुआती जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी रशीद और उसके भाई सलीम के खिलाफ पड़ोसी राज्यों पंजाब और जम्मू-कश्मीर में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इन पुराने आपराधिक मामलों का पूरा ब्योरा जुटा रही है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एसपी बद्दी विनोद धीमान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की गहराई तक पहुंचने और सभी कड़ियों को आपस में जोड़ने के लिए पुलिस हर संभव कोण से जांच आगे बढ़ा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला 29 सितंबर को उस समय सामने आया था, जब माजरा क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुए विवाद की जांच के लिए पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। जांच के दौरान पुलिस को एक मकान के पास संदिग्ध अवस्था में पहला ग्रेनेड मिला। इसके तुरंत बाद चलाए गए सघन तलाशी अभियान में दूसरा ग्रेनेड भी बरामद किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी की गई और बम निरोधक दस्ते की मदद से दोनों ग्रेनेड को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया गया। इस संबंध में नालागढ़ पुलिस थाने में आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


















