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Himachal Landslide: सिरमौर में बारिश के बीच माइनिंग खदान में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबे 3 लोग

Sirmaur Mining Accident: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला स्थित शिलाई विधानसभा क्षेत्र में खनन के दौरान अचानक दरकी पहाड़ी। भारी बारिश और दोबारा मलबा गिरने के खतरे के बीच प्रशासन चला रहा है राहत एवं बचाव कार्य।
Published on: 18 August 2026
Himachal Landslide: सिरमौर में बारिश के बीच माइनिंग खदान में भीषण भूस्खलन, मलबे में दबे 3 लोग

Himachal Landslide News: हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर में मंगलवार दोपहर बाद एक बड़ा हादसा सामने आया है। भारी बारिश के बीच एक खदान में अचानक हुए भीषण भूस्खलन के कारण तीन लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई जा रही है। यह हादसा सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कफोटा के समीप तिलोरधार (बांगनधार) स्थिति एक खदान में हुआ, जहां माइनिंग का काम चल रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, तिलोरधार में माइनिंग स्थल से चूना पत्थर (लाइमस्टोन) निकालने का काम जारी था। इसी दौरान पत्थरों से भरी एक गाड़ी खनन स्थल से बाहर की ओर निकल रही थी। तभी अचानक पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा जोरदार धमाके के साथ दरक गया और देखते ही देखते विशालकाय चट्टानें और भारी मलबा नीचे आ गिरा। गाड़ी समेत पूरा हिस्सा मलबे की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

इस भीषण हादसे में तीन लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि मलबे में दबने वालों में पत्थरों से भरी गाड़ी का चालक और नेपाल के दो निवासी शामिल हैं। इसके अलावा हादसे के दौरान मौके पर खड़ी दो गाड़ियां भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। भूस्खलन इतना भीषण था कि खनन स्थल पर चारों तरफ बड़े-बड़े पत्थर और मलबे का ढेर लग गया है।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। एसडीएम शिलाई जसपाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रशासन की रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है। हालांकि, क्षेत्र में हो रही लगातार तेज बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी बाधा उत्पन्न हो रही है। सुरक्षा के मद्देनजर बारिश के चलते कुछ समय के लिए रेस्क्यू अभियान को रोकना भी पड़ा।

घटनास्थल पर स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण और संवेदनशील बनी हुई है। बारिश के कारण पहाड़ी से दोबारा मलबा गिरने और चट्टानें खिसकने का खतरा लगातार बना हुआ है। इसके बावजूद रेस्क्यू टीमें विशालकाय चट्टानों को हटाने और मलबे में दबे लोगों तक पहुंचने के लिए भारी मशक्कत कर रही हैं। प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है।

हादसे के बाद इलाके में माइनिंग कार्य को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह खदान एक ऊंची पहुंच वाले नेता द्वारा चूना पत्थर निकालने के लिए चलाई जा रही थी। हालांकि, फिलहाल यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जिस स्थान पर माइनिंग की जा रही थी, वह वैध अनुमति के तहत चल रही थी या फिर अवैध रूप से। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच के बाद ही खनन कार्य की वैधता की वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी।

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