Shimla News: राजधानी शिमला से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। नगर निगम शिमला में तैनात उपनियंत्रक (लेखा) एवं लेखा अधिकारी रामेश्वर शर्मा का शव शुक्रवार दोपहर को उनके मैहली स्थित आवास पर फंदे से लटका पाया गया। घटना के समय घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। इस खबर के फैलते ही प्रशासनिक गलियारों और नगर निगम कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की सूचना कंट्रोल रूम 112 के माध्यम से छोटा शिमला थाना को दी गई थी। सूचना में बताया गया कि एक व्यक्ति को गंभीर अवस्था में उपचार के लिए आईजीएमसी (IGMC) अस्पताल लाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 45 वर्षीय रामेश्वर शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रोहड़ू के सीमा गांव के निवासी थे।
रामेश्वर शर्मा के करियर की बात करें तो उन्हें पिछले वर्ष ही नगर निगम शिमला में लेखा अधिकारी के महत्वपूर्ण पद पर तैनाती मिली थी। इससे पूर्व वह पंचायती राज विभाग सहित प्रदेश के अन्य विभिन्न विभागों में अपनी सराहनीय सेवाएं दे चुके थे। उनके सहकर्मियों ने बताया कि वह एक कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे और शुक्रवार सुबह भी वह नियत समय पर कार्यालय पहुंचे थे।
कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, रामेश्वर शर्मा ने शुक्रवार सुबह दफ्तर पहुंचकर रोज की तरह सामान्य रूप से कार्य किया और कुछ महत्वपूर्ण फाइलों का निपटारा भी किया। दफ्तर से निकलने से ठीक पहले उन्होंने एक कर्मचारी को सैलरी स्लिप तैयार करने का निर्देश दिया था। इसके बाद उन्होंने अचानक आधे दिन की छुट्टी (Half-day leave) ली और अपने घर के लिए रवाना हो गए।
घर पहुंचने पर जब उनकी पत्नी वहां पहुंची, तो उन्होंने रामेश्वर शर्मा का शव फंदे से लटका हुआ देखा। उस वक्त उनका बेटा भी घर पर मौजूद नहीं था। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस दु;खद समाचार को सुनने के बाद आईजीएमसी अस्पताल पहुंची उनकी पत्नी की तबीयत भी शुक्रवार शाम को अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
नगर निगम प्रशासन के लिए यह क्षति इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि शुक्रवार दोपहर को निगम आयुक्त कार्यालय में सफाई व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। सामान्य तौर पर लेखा अधिकारी इस बैठक का हिस्सा होते थे, लेकिन शुक्रवार को वह बैठक शुरू होने से पहले ही घर चले गए थे। बैठक के दौरान ही अधिकारियों को इस अनहोनी की सूचना मिली, जिसके बाद सभी वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी तुरंत अस्पताल की ओर दौड़े।
रामेश्वर शर्मा के पास वर्तमान में पंथाघाटी, कसुम्पटी और छोटा शिमला वार्ड के नोडल अधिकारी का भी अतिरिक्त जिम्मा था। उन्हें इन तीन वार्डों की सफाई व्यवस्था की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और इसे प्रथम दृष्टया आत्महत्या का मामला मान रही है। हालांकि, घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
शिमला पुलिस के अनुसार, इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा शनिवार को आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस परिजनों और कार्यालय के सहयोगियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी मानसिक तनाव या अन्य समस्या से जूझ रहे थे।
















