Samsung Electronics China Exit News: दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने चीन के विशाल बाजार में स्थानीय कंपनियों के सामने घुटने टेक दिए हैं। बता दें कि कभी वैश्विक बाजार पर एकछत्र राज करने वाली इस दक्षिण कोरियाई कंपनी ने घोषणा की है कि वह चीन में अपने टेलीविजन और होम अप्लायंसेज, जिनमें रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन शामिल हैं, की बिक्री को पूरी तरह बंद कर रही है। टेक जगत में इस घटनाक्रम को एक बड़े बदलाव और सबक के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारों की माने तो सैमसंग का यह फैसला सीधे तौर पर चीनी घरेलू ब्रांड्स से मिल रही कड़ी चुनौती और बाजार में लगातार गिरती हिस्सेदारी का परिणाम है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह चीन के बाजार से पूरी तरह बाहर नहीं जा रही है। सैमसंग वहां अपने स्मार्टफोन और कंप्यूटर चिप्स के कारोबार को पहले की तरह जारी रखेगी। साथ ही, सूज़ौ (Suzhou) स्थित कंपनी की होम-अप्लायंस फैक्ट्री में उत्पादन कार्य फिलहाल प्रभावित नहीं होगा।
न्यूयॉर्क शहर में स्थित एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग ने एक संक्षिप्त आधिकारिक बयान जारी कर स्वीकार किया कि स्थानीय बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलते कारोबारी माहौल के कारण उसे कुछ उपभोक्ता उत्पादों की बिक्री रोकने का यह कठिन निर्णय लेना पड़ा है। कंपनी के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह कदम विशेष रूप से टीवी, वॉशिंग मशीन और रेफ्रिजरेटर के पोर्टफोलियो को प्रभावित करेगा।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो सैमसंग की हार की दास्तान काफी स्पष्ट नजर आती है। चीनी सरकारी मीडिया और रिसर्च फर्म ‘AVC Revo’ के हालिया डेटा के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत तक सैमसंग का वजूद चीन के ऑफलाइन मार्केट में लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गया था। कलर टीवी सेगमेंट में कंपनी की हिस्सेदारी सिमटकर मात्र 3.62% रह गई थी।
होम अप्लायंसेज के मामले में स्थिति और भी चिंताजनक रही है। रेफ्रिजरेटर के बाजार में सैमसंग के पास महज 0.41% और वॉशिंग मशीन में सिर्फ 0.38% की बाजार हिस्सेदारी बची थी। इसके विपरीत, चीन के स्थानीय ब्रांड्स ने अपनी आक्रामक रणनीति के दम पर टीवी सेक्टर में 90% से अधिक और होम-अप्लायंस सेक्टर में 60% से ज्यादा बाजार पर कब्जा जमा लिया है। इसी दबाव ने सैमसंग को दुकान बंद करने पर मजबूर किया।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय मोर्चे पर भी सैमसंग का यह डिवीजन कंपनी के लिए बोझ साबित हो रहा था। जहां एक तरफ सैमसंग के चिप विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के कारण रिकॉर्ड मुनाफा कमाया, वहीं दूसरी तरफ टीवी और होम-अप्लायंस डिवीजन ‘सफेद हाथी’ बनकर उभरे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल इस विशिष्ट डिवीजन को लगभग 200 बिलियन वॉन (करीब 138.4 मिलियन डॉलर) का भारी परिचालन घाटा (Operating Loss) उठाना पड़ा।
कंपनी के मौजूदा हालातों पर गौर करने वाली बात यह भी है कि चीन के बाजार में अपनी साख बचाने के लिए कंपनी ने नेतृत्व स्तर पर भी बदलाव किए। इसी सप्ताह सैमसंग ने अपने टीवी बिजनेस हेड को बदल दिया था ताकि गिरते ग्राफ को संभाला जा सके, लेकिन अंततः बाजार की कठोर वास्तविकताओं और भारी वित्तीय नुकसान के कारण कंपनी को बिक्री बंद करने का ही रास्ता नजर आया। यह कदम दर्शाता है कि किसी भी ग्लोबल दिग्गज के लिए स्थानीय महारथियों को उनके घर में हराना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक सैमसंग प्रशासन ने कहा है कि वह इस अचानक लिए गए फैसले से प्रभावित होने वाले अपने ग्राहकों और बिजनेस पार्टनर्स की सहायता के लिए हर संभव कदम उठाएगा। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान चीन में उन क्षेत्रों पर केंद्रित करेगी जहां वह अब भी मजबूत स्थिति में है, जैसे कि सेमीकंडक्टर और मोबाइल टेक्नोलॉजी।
















