Chamba News: चंबा डिपो के बेड़े में 10 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल कर ली गई हैं। शनिवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने औपचारिक रूप से इन्हें हरी झंडी दिखाकर मार्ग पर रवाना किया। इन अत्याधुनिक बसों के संचालन से स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव प्राप्त होगा। निगम द्वारा इन इलेक्ट्रिक बसों को प्राथमिक रूप से चंबा-पठानकोट और नूरपुर-जसूर जैसे व्यस्त मार्गों पर चलाने की योजना बनाई गई है।
क्षेत्रीय परिवहन को अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में चंबा-साहो और डलहौजी के साथ-साथ सलूणी एवं तीसा रूटों पर भी इन ई-बसों की सेवाएं विस्तार देने की तैयारी है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को अपने चंबा दौरे के दौरान जिले के लिए कुल 25 बसों की घोषणा की थी, जिनमें 15 इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें शामिल थीं। इस घोषणा के तहत आठ डीजल बसें अन्य डिपो से चंबा को पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी हैं, जबकि अब 10 इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल हो गई हैं। शेष छह बसें भी जल्द ही चंबा डिपो को सौंप दी जाएंगी।
चंबा में आयोजित शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कई महत्त्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के सफल ट्रायल के बाद अब बड़े पैमाने पर एचआरटीसी बेड़े के विस्तार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रदेश सरकार जल्द ही 1,000 नई इलेक्ट्रिक बसें और 200 डीजल बसें खरीदने जा रही है। इन ई-बसों को विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और संकरी सड़कों के अनुकूल डिजाइन करवाया गया है, जिससे क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि जिले के दूरदराज और ग्रामीण हिस्सों को जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चंबा जिले की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 10 इलेक्ट्रिक और 10 डीजल बसें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, संकरी और दुर्गम पहाड़ी सड़कों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य में चंबा में मिनी बसें भी चलाई जाएंगी, ताकि अंतिम छोर तक के हर क्षेत्र को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा से जोड़ा जा सके।
उन्होंने कहा कि नए बस बेड़े के बड़े पैमाने पर हो रहे विस्तार को देखते हुए एचआरटीसी में शीघ्र ही चालकों और परिचालकों की नई भर्तियां भी की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य दुर्गम क्षेत्रों तक सुरक्षित, सस्ती और सुलभ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पहुंचाना है, जिससे आम जनता की दैनिक आवाजाही और अधिक सुगम हो सके।


















