Jefferies Stock Market Predictions: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों के दौरान मिडकैप शेयरों ने निवेशकों को असाधारण रिटर्न दिया है। हालांकि, अब बाजार की चाल में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। दिग्गज वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का मानना है कि मिडकैप शेयरों के लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद अब दिग्गज यानी लार्जकैप (Largecap) कंपनियों की जोरदार वापसी का समय आ गया है।
जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड (Chris Wood) के अनुसार, भारत की दीर्घकालिक विकास की कहानी (Long-term Growth Story) पूरी तरह से सुरक्षित और मजबूत है। क्रिस वुड ने स्पष्ट किया है कि भारतीय शेयर बाजार को लेकर उनका सकारात्मक दृष्टिकोण पहले की तरह ही बरकरार है। हाल के दिनों में मिडकैप स्टॉक्स द्वारा दिए गए बेहतरीन रिटर्न के बाद, अब लार्जकैप कंपनियों के पास प्रदर्शन के इस अंतर को कम करने का एक बेहतरीन अवसर बन रहा है।
सेक्टर रोटेशन और आईटी सेक्टर की चुनौतियां
क्रिस वुड के विश्लेषण के मुताबिक, मिडकैप कंपनियों की मजबूत आय वृद्धि (Earnings Growth) ने उन्हें लार्जकैप शेयरों से आगे निकलने में मदद की। यही वजह है कि अब बाजार में अलग-अलग सेक्टरों और मार्केट कैपिटलाइजेशन के बीच रोटेशन देखने को मिल सकता है।
दूसरी ओर, पिछले 18 महीनों में भारतीय लार्जकैप शेयरों के सुस्त प्रदर्शन का मुख्य कारण आईटी सर्विसेज सेक्टर (IT Services Sector) पर लगातार बढ़ता दबाव रहा है। क्रिस वुड के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी सेवाओं के उद्योग के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक आईटी कंपनियों के पारंपरिक बिजनेस मॉडल को बदल रही है, जिससे कई कंपनियां इस बड़े बदलाव से जूझ रही हैं।
सोने (Gold) पर जेफरीज का बुलिश दृष्टिकोण
भारतीय शेयर बाजार के अलावा, क्रिस वुड ने सोने को लेकर भी बेहद सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि हालिया गिरावट और करेक्शन के बाद सोना अब बेहद आकर्षक खरीद स्तर पर पहुंच गया है।
ईरान-इजराइल तनाव के दौरान सोने के नए उच्चतम स्तर पर न पहुंच पाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह इस बात का संकेत है कि सराफा बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। वर्तमान में सोने की कीमतें अपनी ट्रेडिंग रेंज के निचले स्तर के करीब बनी हुई हैं, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए दोबारा एंट्री करने का एक बेहतरीन मौका हो सकती है।
जून तिमाही के नतीजों के बाद ‘Buy’ रेटिंग बरकरार
जून तिमाही के वित्तीय नतीजों की समीक्षा के बाद, जेफरीज ने भारतीय इक्विटी बाजार पर अपना बुलिश रुख दोहराया है। ब्रोकरेज फर्म ने माइनिंग, बैंकिंग, टेलीकॉम, आईटी सर्विसेज, एफएमसीजी (Consumer Goods) और वित्तीय सेवाओं के कई शेयरों पर अपनी ‘Buy’ यानी खरीदारी की रेटिंग को कायम रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनियों की मजबूत अर्निंग्स विजिबिलिटी, बेहतर बिजनेस एग्जीक्यूशन और सेक्टर-विशिष्ट सकारात्मक रुख इन शेयरों को आगे भी सहारा देगा।
जेफरीज के टॉप स्टॉक पिक्स (Top Stock Picks)
जेफरीज ने अपनी नई रिपोर्ट में पसंदीदा शेयरों की सूची जारी की है, जिसमें निम्नलिखित कंपनियों को शामिल किया गया है:
Coforge: आईटी सर्विसेज क्षेत्र में कोफोर्ज को अपनी पहली पसंद बताते हुए जेफरीज ने इसका टारगेट प्राइस 1,860 रुपये से बढ़ाकर 2,040 रुपये कर दिया है। मजबूत ऑर्डर बुक, सुधरते मार्जिन और एंकोरा (Ancora) अधिग्रहण से होने वाले फायदों को इसका मुख्य कारण बताया गया है।
Bharti Airtel: भारती एयरटेल के लिए ब्रोकरेज ने 2,350 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी की मजबूत बैलेंस शीट, बढ़ते फ्री कैश फ्लो, बेहतर मार्जिन और भविष्य में टैरिफ बढ़ोतरी की संभावना को शेयर के लिए प्रमुख ट्रिगर माना गया है।
Coal India: कोल इंडिया के लिए टारगेट प्राइस 500 रुपये पर बरकरार रखा गया है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बढ़ती बिजली मांग और कोयले की बेहतर कीमतों से आने वाले वर्षों में कंपनी की कमाई में सुधार होगा।
AU Small Finance Bank: एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को जेफरीज ने पसंदीदा मिडकैप बैंकिंग स्टॉक बताया है। बैंक की मजबूत लोन ग्रोथ, सुधरती एसेट क्वालिटी और यूनिवर्सल बैंकिंग मॉडल की दिशा में बढ़ते कदम इसके पक्ष में हैं।
KFin Technologies: ब्रोकरेज ने केफिन टेक्नोलॉजीज का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 1,175 रुपये कर दिया है। नए ग्राहकों का लगातार जुड़ना, अंतरराष्ट्रीय कारोबार का विस्तार और बेहतर प्रॉफिट गाइडेंस इसके सकारात्मक पहलू हैं।
Hindustan Unilever (HUL): हिंदुस्तान यूनिलीवर में हुई हालिया गिरावट को जेफरीज ने निवेश का एक आकर्षक मौका बताया है। कंपनी का मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो, स्थिर मांग और मार्जिन आउटलुक लंबी अवधि में शेयर को मजबूती प्रदान करेगा।
जेफरीज की इस रिपोर्ट से स्पष्ट संदेश मिलता है कि भारत का आर्थिक परिदृश्य मजबूत है। मिडकैप की रैली के बाद अब लार्जकैप में अवसर बन रहे हैं, जबकि सोने में भी तेजी के संकेत हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखना फायदेमंद साबित हो सकता है।


















