Una News Today: ऊना जिले की विशेष अदालत ने एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर पंजाब के होशियारपुर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष जज प्रकाश चंद राणा की अदालत ने पंजाब के जिला गुरदासपुर के अंतर्गत आते फतेहगढ़ चूड़ियां निवासी 25 वर्षीय दोषी अनमोल को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने न्याय की मिसाल पेश करते हुए पीड़िता को आर्थिक राहत प्रदान करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मामले की पूरी जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि 11 अप्रैल 2023 को पीड़िता के पिता ने महिला पुलिस थाना ऊना में अपनी 15 वर्षीय बेटी की गुमशुदगी की आधिकारिक शिकायत दर्ज करवाई थी।
प्रारंभिक शिकायत में पिता ने आशंका जताई थी कि उनकी बेटी को कोई बहलाकर ले गया है क्योंकि वह ऊना बस स्टैंड पर एक युवक को इशारा करती हुई दिखाई दी थी और उसके साथ चली गई थी। परिजनों को तुरंत यह अंदेशा हो गया था कि किशोरी को पंजाब के होशियारपुर की तरफ ले जाया गया है, जिसके बाद पुलिस और परिवार के सदस्य तुरंत हरकत में आए। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों ने संयुक्त रूप से तलाश शुरू की और वे होशियारपुर पहुंचे।
वहां एक होटल में पुलिस ने दबिश दी जहां किशोरी और आरोपी युवक दोनों मिल गए। पुलिस ने मौके से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए और किशोरी के सुरक्षित बयान दर्ज किए। अपने बयानों में पीड़िता ने खुलासा किया कि आरोपी अनमोल उसे तरह-तरह के झांसे देकर होशियारपुर ले गया था और वहां एक होटल के कमरे में उसके साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया गया।
जांच के दौरान पीड़िता ने पुलिस को विस्तार से बताया कि आरोपी ने 10 अप्रैल 2023 को उसे फोन करके मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन उस दिन वह उससे मिलने नहीं गई थी। इसके अगले दिन यानी 11 अप्रैल को आरोपी ने दोबारा फोन किया जिसके बाद वह घर से निकलकर ऊना बस स्टैंड पहुंची और वहां से बस में बैठकर सीधे होशियारपुर चली गई। पीड़िता के अनुसार, जब वह होशियारपुर बस स्टैंड पर उतरी तो वहां आरोपी और उसका मामा दोनों पहले से मौजूद मिले, जो उसे एक निजी होटल में ले गए जहां आरोपी ने पहले से ही कमरा बुक करवा रखा था।
पीड़िता के बयानों के मुताबिक, होटल के कमरे में पहुंचने के तुरंत बाद आरोपी का मामा वहां से चला गया जिसके बाद आरोपी अनमोल ने दिन और रात के समय में उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग ने त्वरित जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा। पुलिस ने गहन छानबीन पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की जिस पर लंबी सुनवाई चली।
अदालत में चली इस पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 16 महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए और पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य रखे गए। मामले की पैरवी जिला न्यायवादी एकलव्य द्वारा की गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष जज प्रकाश चंद राणा की अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी अनमोल को धारा 363 के तहत तीन साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा मुख्य धारा के तहत 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया गया। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि कुल 60 हजार रुपये जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी और इसके अतिरिक्त अदालत ने राज्य सरकार के माध्यम से पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश भी दिए हैं।



















