Tour De Sanawar Competition: कसौली की शांत और खूबसूरत पहाड़ियों के बीच स्थित चीड़ के जंगल रविवार को उत्साह, रोमांच और खिलाड़ियों के जोश से गूंज उठे, जब द लॉरेंस स्कूल, सनावर में आयोजित 7वीं टूर डी सनावर MTB XCO प्रतियोगिता का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 179 वर्ष पुराने ऐतिहासिक परिसर में आयोजित इस प्रतिष्ठित क्रॉस-कंट्री ओलंपिक (XCO) साइकिलिंग प्रतियोगिता में रिकॉर्ड 180 स्कूली एवं ओपन कैटेगरी के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और उत्तर भारत के चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक साइकिलिंग ट्रैक पर अपनी क्षमता, साहस और धैर्य का प्रदर्शन किया।
इस प्रतियोगिता का संयुक्त आयोजन द लॉरेंस स्कूल, सनावर (स्थापना 1847) तथा द ओल्ड सनावरियन सोसाइटी (OSS, स्थापना 1914) द्वारा किया गया। आयोजन को हीरो साइकल्स ने टाइटल पार्टनर, हार्टेक ने पावर्ड-बाय पार्टनर, रडकैट ने कम्युनिटी एवं आउटडोर पार्टनर, फोर्टिस ग्रुप ने हेल्थकेयर पार्टनर तथा गोपाल स्वीट्स ने एसोसिएट स्पॉन्सर के रूप में सहयोग प्रदान किया। आयोजन के सुचारू संचालन में मेजर संजीव शर्मा (OS) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
साहस और रोमांच की जीवंत विरासत
इस प्रतियोगिता का उत्साह विद्यालय के गौरवशाली इतिहास से भी जुड़ा रहा। लगभग पांच दशक पूर्व, वर्ष 1977 की शरद ऋतु में, सनावर के छह विद्यार्थियों और तीन शिक्षकों ने गास्केल हॉल से अपनी सिंगल-स्पीड हीरो-75 स्टील साइकिलों पर भारत की ऐतिहासिक यात्रा शुरू की थी। लगभग 3,000 किलोमीटर की इस रोमांचक यात्रा का लक्ष्य कन्याकुमारी पहुंचना था। ‘माउंटेन्स टू द ओशन’ नाम से प्रसिद्ध इस अभियान ने साहस, दृढ़ संकल्प और कभी हार न मानने की भावना का परिचय दिया था। आज टूर डी सनावर उसी गौरवशाली परंपरा और विद्यालय के आदर्श वाक्य ‘नेवर गिव इन’ को आधुनिक माउंटेन बाइकिंग के माध्यम से आगे बढ़ा रहा है।
प्रतियोगिता का 3 से 6 किलोमीटर लंबा चुनौतीपूर्ण ट्रैक सोमदत्त स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और विद्यालय के घने वन क्षेत्र से होकर गुजरता था। प्रत्येक लैप में 90 से 200 मीटर तक की ऊंचाई की चढ़ाई, तीखे मोड़, कठिन पहाड़ी रास्ते और तेज ढलानों वाले सिंगलट्रैक ने प्रतिभागियों की शारीरिक क्षमता, संतुलन और तकनीकी कौशल की कड़ी परीक्षा ली। प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (HPSDRF) तथा एनफील्ड इंडिया का भी सहयोग रहा।
देशभर के प्रतिष्ठित विद्यालयों की भागीदारी
प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें द लॉरेंस स्कूल, लवडेल (ऊटी), भवन विद्यालय (चंडीगढ़), ऑकलैंड हाउस स्कूल (शिमला), स्टोक्स मेमोरियल स्कूल (शिमला), एटीएस वैली स्कूल (मोहाली) तथा मेजबान विद्यालय सनावर की 72 सदस्यीय टीम शामिल थी। प्रतिभागियों ने स्कूल सीनियर बॉयज, स्कूल सीनियर गर्ल्स, स्कूल जूनियर्स तथा ओपन एमेच्योर एवं प्रोफेशनल वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
माउंटेन बाइकिंग के विजेताओं का सम्मान
प्रतियोगिता का समापन ऐतिहासिक खेतरपाल स्टेडियम (पीसस्टेड) में आयोजित भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राजीव भल्ला, प्रतिष्ठित न्यायविद एवं सनावर के पूर्व विद्यार्थी, ने ओल्ड सनावरियन सोसाइटी के निर्वाचित अध्यक्ष श्री विकास कोहली के साथ विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों के लिए कुल ₹3 लाख की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई थी। विजेताओं को नकद पुरस्कार, परफॉर्मेंस माउंटेन बाइक, साइकिलिंग गियर और पदक प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, सर्वाधिक होनहार बालक एवं बालिका साइकिलिस्ट को भी सम्मानित किया गया।
जूनियर गर्ल्स वर्ग में द लॉरेंस स्कूल, सनावर की उर्मी भट्ट ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सीनियर गर्ल्स वर्ग में भवन विद्यालय, चंडीगढ़ की अदिरा ने बाजी मारी। ओपन विमेन वर्ग में सुरभि, एमेच्योर अंडर-16 वर्ग में अयाम तथा ओपन वर्ग में अश्विन ने प्रथम स्थान हासिल किया। हार्टेक एक्सट्रीम X शील्ड कप शिरेश बिष्ट को प्रदान किया गया, जबकि 12 वर्षीय कारिक शर्मा को मोस्ट प्रॉमिसिंग राइडर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर सबसे कम आयु के प्रतिभागी 10 वर्षीय अगस्त्य पाटिल तथा सबसे अधिक आयु के 57 वर्षीय संजीव कपूर को भी उनके उत्साह, साहस और खेल भावना के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण चार बार के MTB स्टंट विश्व चैंपियन और विश्व रिकॉर्ड धारक लक्ष्य जांगिड़ का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने अपने अद्भुत संतुलन, कौशल और रोमांचक साइकिलिंग स्टंट से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
द ओल्ड सनावरियन सोसाइटी के निर्वाचित अध्यक्ष श्री विकास कोहली ने कहा, “टूर डी सनावर लगातार एक ऐसे मंच के रूप में विकसित हो रहा है, जो सनावर परिवार और देशभर के विभिन्न विद्यालयों के युवा साइकिलिस्टों को एक साथ जोड़ता है। इस वर्ष प्रतियोगिता में खिलाड़ियों द्वारा प्रदर्शित साहस, अनुशासन और खेल भावना आउटडोर शिक्षा एवं रोमांच की वास्तविक भावना को दर्शाती है।”
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती रुचि प्रधान दत्ता ने कहा, “इस प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य अपने विद्यार्थियों और अन्य विद्यालयों से आए प्रतिभागियों को चुनौतीपूर्ण पहाड़ी ट्रैक पर अपनी क्षमताओं को परखने का अवसर प्रदान करना है। इससे उनमें आत्मविश्वास, धैर्य, टीम भावना और प्रकृति के प्रति प्रेम विकसित होता है। हमें गर्व है कि यह आयोजन युवा साइकिलिस्टों के बीच अपनी एक विशिष्ट पहचान बना रहा है।”
प्रतिभागियों के अनुभव और उत्साह
द लॉरेंस स्कूल, सनावर की टीम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, “टूर डी सनावर हमारे वार्षिक कैलेंडर का सबसे प्रतीक्षित आयोजन है। इस वर्ष हमारी ओर से 72 साइकिलिस्टों ने प्रतियोगिता में भाग लिया और पूरी ऊर्जा के साथ ट्रैक पर उतरे। हमने अपने विद्यालय के आदर्श वाक्य ‘नेवर गिव इन’ को पूरी भावना से चरितार्थ किया।”
भवन विद्यालय, चंडीगढ़ की टीम ने कहा, “मैदानी क्षेत्रों से 32 साइकिलिस्टों के साथ हिमालय की इन चुनौतीपूर्ण पहाड़ियों पर साइकिलिंग करना हमारे लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। कठिन चढ़ाइयों ने हमारी क्षमताओं की परीक्षा ली और हमारी पूरी टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।”
द लॉरेंस स्कूल, लवडेल (ऊटी) के प्रतिभागियों ने कहा, “प्रतियोगिता बेहद रोमांचक, तेज और तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण थी। लेकिन फिनिश लाइन तक पहुंचने का अनुभव हर कठिन चढ़ाई को सार्थक बना गया। सनावर द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता हमारे लिए हमेशा यादगार रहेगी।”
एटीएस वैली स्कूल की टीम ने कहा, “हमारे विद्यालय के 13 प्रतिभागियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इन चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों पर साइकिलिंग करना रोमांच और एड्रेनालिन से भरपूर अनुभव रहा।”
टूर डी सनावर केवल एक साइकिलिंग प्रतियोगिता नहीं, बल्कि साहस, अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कभी हार न मानने की भावना का उत्सव है। यह आयोजन विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाते हुए युवाओं को प्रकृति, खेल और साहसिक गतिविधियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच बन रहा है।




















