Sarkaghat Siya Murder Case: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सरकाघाट उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गोपालपुर क्षेत्र में हुए बहुचर्चित सिया हत्याकांड का कानूनी शिकंजा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस सनसनीखेज मामले में रिकॉर्ड समय के भीतर फास्ट ट्रैक के तहत ट्रायल पूरा कर लिया गया है। पुलिस और अदालत की त्वरित कार्रवाई के चलते मात्र तीन महीनों के भीतर इस मामले की सुनवाई अपने मुकाम पर पहुंच गई है, जिससे पीड़ित परिवार और आम जनता को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद बंध गई है।
शुरूवाती जानकारी के मुताबिक सरकाघाट की अतिरिक्त सत्र न्यायालय में इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान कुल 43 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इस मामले में पुलिस ने अदालत में 200 से अधिक पन्नों का विस्तृत चालान पेश किया था। इस चालान में अभियोजन पक्ष की ओर से गवाहों के बयानों के साथ-साथ फोरेंसिक साक्ष्य, वैज्ञानिक प्रमाण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल किए गए थे। अदालत में अब इस मामले की अंतिम बहस की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके बाद सजा के ऐलान का रास्ता साफ हो जाएगा।
बता दें कि यह दिल दहला देने वाली घटना इसी वर्ष 13 अप्रैल 2026 को सुबह करीब नौ बजे घटी थी। 19 वर्षीय कॉलेज छात्रा सिया अपने घर से निकलकर सरकाघाट कॉलेज जाने के लिए जा रही थी। जैसे ही वह अपने घर के पास पहुंची, आरोपी विकास पटियाल ने उस पर अचानक दराट से हमला कर दिया और उसका गला काट दिया। इस दुस्साहसिक वारदात के तुरंत बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था, और मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को दबोच लिया था और पुलिस के हवाले कर दिया था।
पुलिस द्वारा की गई गहन जांच में यह बात सामने आई थी कि आरोपी और मृतका सिया के बीच पहले से किसी भी प्रकार की कोई रंजिश नहीं थी। इसके अलावा, यह वारदात लूटपाट या चोरी के इरादे से भी अंजाम नहीं दी गई थी। पुलिस रिकॉर्ड और जांच के मुताबिक आरोपी नशे का आदी था और उसने पूरी तरह से सनक और नशे की हालत में इस निर्मम वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
मृतका सिया एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती थी और वह कॉलेज में बी-वॉक वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता पेशे से एक ट्रक चालक हैं जो कड़ी मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इस जघन्य हत्याकांड के सामने आने के बाद पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई थी और भारी आक्रोश देखने को मिला था। सिया को जल्द से जल्द और कड़ी इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर प्रदेश भर में विभिन्न संगठनों और छात्रों द्वारा जोरदार प्रदर्शन किए गए थे। अब जबकि अदालत में कानूनी प्रक्रिया अंतिम दौर में है, तो पूरे प्रदेश की निगाहें न्यायालय के संभावित फैसले पर टिकी हुई हैं।




















