Mandi News: विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग से उड़ान भरकर जिला मंडी के जोगिंद्रनगर क्षेत्र में लैंडिंग करने का प्रयास कर रहा एक विदेशी पैराग्लाइडर पायलट दुर्घटना का शिकार हो गया। लैंडिंग के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से पायलट खेत में गिरकर घायल हो गया। इस घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करते हुए घायल पायलट की मदद की और पुलिस को घटना की सूचना दी।
पीठ और पेट में आई गंभीर अंदरूनी चोटें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूरोपीय देश ऑस्ट्रिया के 50 वर्षीय पैराग्लाइडर पायलट निकोलस थॉमस ने बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी। उड़ान के बाद वह जोगिंद्रनगर में एक खेत में सुरक्षित लैंडिंग करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वह खेत में जमीन पर जा गिरे। जमीन पर गिरने के कारण उन्हें पीठ और पेट में अंदरूनी चोटें आई हैं।
घटना के बाद घायल पायलट निकोलस थॉमस ने बताया कि वह खेत में सुरक्षित तरीके से लैंडिंग करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक पैराग्लाइडर पर उनका नियंत्रण बिगड़ गया। इसके चलते वह खेत की मेड़ के पास गिर गए और घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और पायलट को संभालते हुए उसे प्राथमिक सहायता उपलब्ध करवाई।
अस्पताल में जारी है इलाज और पुलिस जांच
घटना की सूचना मिलते ही जोगिंद्रनगर पुलिस और 108 एंबुलेंस सेवा की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायल पायलट को एंबुलेंस के माध्यम से जोगिंद्रनगर सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है।
चिकित्सकों के अनुसार पायलट को पीठ और पेट में चोटें आई हैं। फिलहाल उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, अंदरूनी चोटों की वास्तविक गंभीरता का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। चिकित्सकों की टीम लगातार उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सुरक्षा सावधानियों और प्रशासनिक कार्रवाई का पहलू
उधर, मामले को लेकर एसपी मंडी विनोद कुमार ने बताया कि पैराग्लाइडर पायलट के घायल होने की घटना सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
गौरतलब है कि बीड़-बिलिंग दुनिया के प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग स्थलों में शुमार है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पैराग्लाइडिंग पायलट और पर्यटक पहुंचते हैं। यहां से उड़ान भरने वाले पायलट आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में लैंडिंग करते हैं। इस तरह की घटनाएं एक बार फिर पैराग्लाइडिंग के दौरान मौसम, हवा की दिशा और सुरक्षित लैंडिंग को लेकर आवश्यक सावधानियों के महत्व को रेखांकित करती हैं।




















