Mandi News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में अदालत ने लोक निर्माण विभाग के खिलाफ एक कड़ा आदेश जारी किया है। वरिष्ठ सिविल जज असलम बेग की अदालत ने PWD विभाग को निर्देश दिया है कि वह अपने कर्मचारी वरिंदर कुमार को बकाया राशि और उस पर बनने वाले ब्याज का भुगतान तीन दिनों के भीतर करे। अदालत ने स्पष्ट तौर पर चेतावनी दी है कि यदि 17 अक्टूबर तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया, तो मंडी के तरना रोड स्थित PWD के सर्किट हाउस को कुर्क कर लिया जाएगा।
दरअसल, यह पूरा मामला वरिंदर कुमार और लोक निर्माण विभाग के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद से जुड़ा है। वरिंदर कुमार ने विभाग के फैसलों को श्रम न्यायालय (Labour Court) में चुनौती दी थी। श्रम न्यायालय ने 7 सितंबर 2022 को वरिंदर कुमार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें 3,29,222 रुपये का मुआवजा, 34 महीनों का बकाया वेतन और लागू ब्याज देने का आदेश दिया था। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बाद भी लोक निर्माण विभाग ने श्रम न्यायालय के इस फैसले को लागू नहीं किया।
श्रम न्यायालय के आदेश को लागू कराने और अपना हक पाने के लिए वरिंदर कुमार ने अपने वकील बी.सी. शर्मा के माध्यम से वरिष्ठ सिविल जज की अदालत में एक निष्पादन याचिका (Execution Petition) दायर की। सुनवाई के दौरान लोक निर्माण विभाग ने इस याचिका पर कई आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन अदालत ने 12 अगस्त को विभाग की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया। इससे श्रम न्यायालय के फैसले को लागू करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए टिप्पणी की है कि विभाग ने एक लंबी अवधि से आदेश का पालन नहीं किया है। ऐसी स्थिति में बकाया राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए विभागीय संपत्ति की कुर्की ही एकमात्र कानूनी विकल्प बचता है। हालांकि, विभाग का प्रतिनिधित्व कर रहे सहायक लोक अभियोजक (Assistant Public Prosecutor) के विशेष अनुरोध पर अदालत ने भुगतान का एक अंतिम अवसर प्रदान किया। इसके तहत विभाग को तीन दिन के भीतर ब्याज सहित पूरा भुगतान करने का समय दिया गया है।
अदालत के निर्देशों के अनुसार, यदि PWD 17 अक्टूबर तक भुगतान करने में विफल रहता है, तो कोर्ट बेलिफ 27 अक्टूबर को तरना रोड स्थित सर्किट हाउस को अपने कब्जे में ले लेगा। इस अदालती कार्रवाई को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सिविल नाजिर को आवश्यक उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, अदालत ने मंडी के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया है कि कुर्की की कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि बेलिफ 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे के बाद ही कुर्की की कार्रवाई शुरू करेगा। यह समय सीमा इसलिए तय की गई है ताकि वहां ठहरने वाले मेहमानों के चेक-इन और चेक-आउट में कोई असुविधा न हो और बिना किसी व्यवधान के कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके।




















