BBN News: हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा श्री नरसिंह जी मंदिर की विवादित भूमि के संदर्भ में आए माननीय हाई कोर्ट के फैसले पर बजरंग सेना के राज्य उपाध्यक्ष बबलू पंडित ने आभार प्रकट किया है। इस प्रकरण पर विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सरकारी प्रणाली की खामियों को उजागर किया।
बबलू पंडित के अनुसार, वर्ष 1421 में राजा विक्रम चंद ने मंदिर निर्माण के उद्देश्य से 1730 बीघा 12 बिस्वा जमीन दान में दी थी, जिसके कानूनी और वास्तविक स्वामी स्वयं भगवान हैं। हालांकि, वर्ष 1972 में सरकार ने देखरेख के नाम पर 1564 बीघा 13 बिस्वा जमीन को नियमों के विपरीत जाकर अपने सिस्टम में शामिल कर लिया था।
मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे और खनन के आरोप
बबलू पंडित ने वर्तमान विधायक राम कुमार और उनकी पत्नी कुलदीप कौर उर्फ निधि पर प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 2017 में अधिकारियों से साठगांठ कर नियमों को ताक पर रखते हुए मंदिर की 41 बीघा 10 बिस्वा जमीन का अवैध तबादला कराया गया। कब्जे के पश्चात उस स्थान पर स्थित पहाड़ को काटकर समतल मैदान में तब्दील कर दिया गया, जिसमें हजारों हरे-भरे पेड़ों की कटाई की गई।
इस दौरान रोजाना 80 टिपर खनन सामग्री की ढुलाई की गई, जिससे 10 करोड़ रुपये का निजी लाभ कमाया गया और 125 करोड़ रुपये की निजी टाउनशिप का निर्माण हुआ। इसे कानूनी रूप देने के लिए रद्द इंतकाल संख्या 1413 के स्थान पर 1417 दर्शाकर सार्वजनिक मंदिर को निजी मठ घोषित कर दिया गया।
ज्योति मर्डर केस और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग
बजरंग सेना के उपाध्यक्ष ने विधायक राम कुमार पर चल रहे अन्य आपराधिक मामलों का हवाला भी दिया। उन्होंने बताया कि विधायक पर ज्योति मर्डर केस से संबंधित एक आपराधिक मामला चल रहा है। न्याय पाने की उम्मीद में लंबा इंतजार करते-करते ज्योति के माता-पिता का निधन हो चुका है।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में विचाराधीन यह मामला वर्ष 2015 से लंबित पड़ा हुआ है। पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय दिलाने के उद्देश्य से बबलू पंडित ने मांग की है कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
विधायक की संपत्ति वृद्धि और जांच की मांग
पंडित ने विधायक की चल-अचल संपत्ति में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में माननीय विधायक की कुल घोषित संपत्ति 40 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2022 के चुनावी हलफनामे में बढ़कर लगभग दोगुनी हो गई। वर्तमान समय में विधायक की संपत्ति का आकलन 1000 करोड़ से 1500 करोड़ रुपये के बीच पहुंच चुका है, जबकि उनके पूरे परिवार की कुल संपत्ति 7500 करोड़ रुपये से भी अधिक हो गई है। बबलू पंडित ने इस विशाल संपत्ति के स्रोतों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
पर्यावरण क्षति, क्रशर प्रदूषण और केंद्रीय हस्तक्षेप की गुहार
पर्यावरण को पहुंचे नुकसान पर चिंता व्यक्त करते हुए बबलू पंडित ने बताया कि नालागढ़ और अर्की क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सरसा नदी और आसपास के नदी-नालों के बड़े भू-भाग को पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में खनन लीज पर दिया गया था। इसके परिणामस्वरूप नदी-नालों का अत्यधिक और बेतरतीब दोहन हुआ, जिससे भूजल स्तर में भारी गिरावट आई है और सैकड़ों पेड़ नष्ट हो चुके हैं।
वर्तमान में क्रशर से फैल रहे वायु एवं ध्वनि प्रदूषण के कारण स्थानीय रिहायशी क्षेत्रों और निकट स्थित स्कूल-कॉलेजों के हजारों बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन सभी प्रकरणों की गहन जांच हेतु उन्होंने केंद्र सरकार और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।




















