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Crude oil Price Hike: क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उछाल, क्या अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ेंगी कीमतें?

Strait Of Hormuz News: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच ठप पड़ी शांति वार्ता के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी, आपूर्ति श्रृंखला पर मंडराया बड़ा खतरा।
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Crude oil Price Hike: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में सोमवार को एक बार फिर भारी उछाल दर्ज किया गया। ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव 2.05 फीसदी की तेजी के साथ 107.49 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गए, जो 7 अप्रैल के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 1.88 फीसदी चढ़कर 96.17 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है।

यह उछाल पिछले सप्ताह हुई तीव्र वृद्धि के बाद आया है, जब ब्रेंट और WTI में क्रमशः 17 फीसदी और 13 फीसदी की बढ़त देखी गई थी। यह युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल में देखी गई सबसे बड़ी साप्ताहिक वृद्धि है। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर संकेत दे रही है।

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तनाव की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच शांति प्रयासों का विफल होना है। सप्ताहांत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपने दूतों स्टीव विटकोफ और जेरेड कुश्नर की प्रस्तावित इस्लामाबाद यात्रा को रद्द करने के बाद कूटनीतिक कोशिशें कमजोर पड़ गई हैं। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची पाकिस्तान पहुंचे हैं, लेकिन वार्ता के कोई ठोस परिणाम नहीं निकल रहे हैं।

आईजी मार्केट एनालिस्ट टोनी सिकोमोर ने चेतावनी दी है कि यह स्थिति ईरान पर दबाव बढ़ा रही है। यदि भंडारण क्षमता समाप्त होती है, तो ईरान को अपने पुराने तेल क्षेत्रों में उत्पादन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इससे वैश्विक आपूर्ति पर सीधा असर पड़ेगा और कीमतों में और भी अस्थिरता आ सकती है।

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तेल आपूर्ति में आ रही कमी के पीछे हॉर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना मुख्य कारण है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल व्यापार का एक प्रमुख हिस्सा है, जहां से दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है। केप्लर के शिपिंग डेटा के अनुसार, रविवार को खाड़ी में मात्र एक तेल टैंकर प्रवेश कर सका है, जो आपूर्ति की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

गोल्डमैन सैक्स ने मौजूदा अनिश्चितता के बीच अपने अनुमानों को संशोधित किया है। बैंक ने चौथी तिमाही के लिए ब्रेंट और WTI के मूल्य पूर्वानुमान को क्रमशः 90 डॉलर और 83 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ा दिया है। डान स्ट्रुवेन के नेतृत्व में विश्लेषकों का कहना है कि आर्थिक जोखिम अब पहले से कहीं अधिक बढ़ गए हैं, जिसका मुख्य कारण तेल कीमतों में अनपेक्षित उछाल है।

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आपूर्ति में सीमित उत्पादन और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण तेल बाजार आने वाले समय में बेहद अस्थिर रहने की उम्मीद है। फिलहाल, वाशिंगटन द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी है और तेहरान ने हॉर्मुज मार्ग को लगभग बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर संकट के बादल छाए हुए हैं।

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