Prajasatta Side Scroll Menu

अनाथ बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए अधिकारी रखे प्राथमिकता

अनाथ बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए अधिकारी रखे प्राथमिकता

चंबा|
-अनाथ बच्चों की पहचान करने के लिए 15 अप्रैल तक अपडेटेड सूचना करवाई जाए उपलब्ध
-बाल विवाह से संबंधित मामलों में परामर्श व्यवस्था को और बनाया जाए सुदृढ़
उपायुक्त डीसी राणा ने कहा कि अनाथ बच्चों की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए संबंधित सभी विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्य करना सुनिश्चित बनाया जाए ।

डीसी राणा ने यह निर्देश आज उपायुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित ज़िला बाल संरक्षण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए।

ज़िला में 18 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों की पहचान करने को लेकर उपायुक्त ने जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास से 15 अप्रैल तक अपडेटेड सूचना एकत्रित करने को कहा ।

उपायुक्त ने यह निर्देश भी दिए कि राजस्व विभाग द्वारा शत-प्रतिशत सुनिश्चित बनाया जाए कि भूमि का इंतकाल संबंधित अनाथ बच्चे के पक्ष में समय पर हो ।

इसे भी पढ़ें:  सलूणी के थत्थीधार पर बरपा आसमानी बिजली का कहर, डेढ़ दर्जन भेड़-बकरियों की मौत

उन्होंने इस संदर्भ में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास से राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को भी कहा ।

ज़िला बाल संरक्षण इकाई द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संस्थान के साहो स्थित आश्रम के अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश देते हुए संपर्क मार्ग को भी जल्द पक्का को कहा ।

संस्थागत देखरेख से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान विभागीय प्रतिनिधि ने बैठक में अगवत किया कि ज़िला में पांच बाल देखरेख संस्थानों के तहत 235 बच्चों की कुल उपलब्ध क्षमता के तहत वर्तमान में 122 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं ।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल का शहीद जवान देवराज पंचतत्व में विलीन, शराब तस्करों ने स्कॉर्पियो गाड़ी से कुचल की हत्या

गैर संस्थागत देखरेख योजना के तहत उन्होंने बताया कि बाल- बालिका सुरक्षा योजना के तहत गत वर्ष 33 बच्चों को लाभान्वित किया गया । इसी तरह वर्तमान में 32 बच्चों को लाभान्वित किया जा रहा है ।

चाइल्डलाइन चंबा के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बाल विवाह से संबंधित मामलों को रोकने की आवश्यकता पर विशेष प्राथमिकता रखने के निर्देश देते हुए परामर्श व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने को कहा । उन्होंने यह निर्देश भी दिए की बाल विवाह से संबंधित मामलों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से फॉलोअप व्यवस्था को और पुख्ता किया जाना सुनिश्चित बनाया जाए ।

इसे भी पढ़ें:  चंबा: शिक्षक का तबादला बना मुसीबत: लोगों ने शिक्षा विभाग से पूछा, बिना शिक्षक के कैसे पढेंगे बच्चे

उपायुक्त ने पोस्को अधिनियम के तहत जानकारी व जागरूकता गतिविधियों को और बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी जारी किए ।

बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी अमित मैहरा, पुलिस उप अधीक्षक अभिमन्यु, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ कपिल शर्मा, चिकित्सा अधिकारी डॉ करण हितेषी, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास बालकृष्ण शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी नरेंद्र जरयाल, उप निदेशक उच्च शिक्षा प्यार सिंह चाढक, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा सुमेश कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय महाविद्यालय चंबा शिवदयाल , समन्वयक चाइल्डलाइन चंबा कपिल शर्मा, प्रधानाचार्य राजकीय पॉलिटेक्निक चंबा पुनीत महाजन, सचिव रेड क्रॉस सोसाइटी चंबा नीना सहगल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Chamba district news Chamba Himachal update Chamba HP news Chamba latest news Chamba News Chamba News Today Chamba samachar

Join WhatsApp

Join Now