Prajasatta Side Scroll Menu

आउटसोर्स कर्मचारियों के मुद्दे पर विपक्ष का सदन में हंगामा, किया वॉकआउट

Ccb1ca67 Abe7 414e 997c B4ef04b20a4a

शिमला ब्यूरो|
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण का मुद्दा जोर-शोर से गूंजा।
विपक्ष दल भाजपा ने हिमाचल विधानसभा में आउटसोर्स भर्तियों को लेकर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने सरकार पर आउटसोर्स कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया।

इससे पहले विपक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सदन में स्थगन प्रस्ताव लाया और आउटसोर्स भर्ती को लेकर चर्चा की मांग की। स्पीकर द्वारा इसकी इजाजत नहीं मिलने पर विपक्ष ने सदन में नारेबाजी और वॉकआउट किया। इस दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक भी हुई। भाजपा विधायक सुखराम चौधरी, त्रिलोक जमवाल, सुरेंद्र शौरी,रणधीर शर्मा, जनकराज, विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार और हंसराज ने आउटसोर्स भर्ती को लेकर चर्चा की मांग की।

इसे भी पढ़ें:  मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्र सम्मान समारोह में 10वीं तथा 12वीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया

स्पीकर ने कहा कि बजट सत्र के दौरान आउटसोर्स भर्तियों को लेकर कई प्रश्न लग चुके हैं। तब इस पर चर्चा हो गई। इसलिए अब दोबारा इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। स्पीकर की व्यवस्था से नाखुश विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया।

विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि नियम 67 के तहत विपक्ष ने काम रोको का प्रस्ताव दिया लेकिन यह स्वीकार नही किया गया। कांग्रेस ने पांच लाख रोजगार देने का वादा किया था। सरकार ने आउट सोर्स कर्मचारियों को निकालने का काम शुरू कर दिया है। कोविड काल में सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। जब सवाल पूछे जा रहे हैं तो सरकार इसका उत्तर देने में असमर्थ है।

इसे भी पढ़ें:  Himachal Bhawan Controversy: हिमाचल की फजीहत, नजरअंदाज नहीं की जा सकती पूर्व की सरकारों की नीतिगत कमजोरियां

जयराम ने कहा कि सरकार पिछले सरकार में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने में लगी हैं। राजनीतिक मकसद से फैसले लिए जा रहे हैं। सीएम सदन में नहीं है। मुख्यमंत्री संवैधानिक व्यवस्था के विरुद्ध अपने राष्ट्रीय नेता की जमानत के लिए गुजरात गए हुए हैं। विपक्ष यह बर्दास्त करने वाली नही है।

बता दें कि हिमाचल के विभिन्न विभागों व बोर्ड-निगमों में लगभग 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारी सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के माध्यम से सेवाएं दे रहे हैं। इन कंपनियों के साथ करार खत्म होने की वजह से लगभग 2500 कर्मचारी बाहर हो गए हैं। सैकड़ों की नौकरी पर अभी तलवार लटकी हुई है।

इसे भी पढ़ें:  Monsoon Session: आज से शुरू होगा हिमाचल विधानसभा का मानसून सत्र, सवालों पर भिड़ेंगे पक्ष-विपक्ष

इनके भविष्य का क्या होगा, यह अभी तय नहीं है। इन्हें सेवाएं देते हुए 10 से 20 साल बीत गए है, लेकिन अब तक इनका भविष्य सुरक्षित नहीं हो पाया। 2017 से तक पूर्व वीरभद्र सरकार और 2017 से 2022 तक जयराम सरकार इन्हें पॉलिसी का झुनझुना देती रही, लेकिन आज तक पॉलिसी नहीं बन पाई। उस दौरान विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को खूब भुनाया था। गौरतलब है कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मामले में भर्ती और पदोन्नति निमय भी लागू नहीं होते, क्योंकि ये कंपनी के कर्मचारी हैं और सीधे तौर पर सरकार के कर्मचारी नहीं हैं।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Himachal Latest News Himachal News in Hindi Himachal Pradesh News Himachal Pradesh samachar Himachal update HP government news HP News Today

Join WhatsApp

Join Now