Prajasatta Side Scroll Menu
Bahra University - Shimla Hills

गुनाई-मसुलखाना सड़क चौड़ा करने के लिए वनविभाग से नहीं ली NOC,वन भूमि को बनाया डंपिग साइट

गुनाई-मसुलखाना सड़क चौड़ा करने के लिए वनविभाग से नहीं ली NOC,वन भूमि को बनाया डंपिग साइट

प्रजासत्ता।
हिमाचल लोक निर्माण विभाग के कसौली उपमंडल के तहत गुनाई से मसुलखाना तक सड़क को विस्तारीकरण (चौड़ा) करने का काम शुरू हुए लगभग 6 महीने से अधिक का समय हो गया है। इस निर्माण कार्य में शुरू होने से अब तक काफ़ी अनियमितताएं सामने आ रही है।

बता दें गुनाई से मसुलखाना सड़क का चौड़ीकरण का कार्य निजी कंपनी ( ठेकेदार) द्वारा करवाया जा रहा है। लेकिन इसके लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा वन विभाग से अभी तक एनओसी नहीं लिया गया। बाबजूद इसके सड़क निर्माण कार्य जोरों पर चला हुआ है। बीते वर्ष इस सड़क के चौड़ा करने के कार्य का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री राजीव सहजल द्वारा किया गया था।

गौरतलब है कि गुनाई मसुलखाना तक लगभग 9 किलोमीटर तक की सड़क के साथ हिमाचल प्रदेश वन विभाग की सीमाएं भी लगती है। लगभग
9 किलोमीटर लंबी इस सड़क के साथ वन विभाग के दो बिटों कुठाड व परवानू रेंज की सीमाएं लगती है।

इसे भी पढ़ें:  हिमाचल प्रदेश में आधी रात को भूकंप से हिली धरती

वन विभाग के बीओ कसौली प्रदीप कुमार से जब इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि गुनाई से मसुलखना तक सड़क के चौड़ा करने का जो कार्य चल रहा है उसके लिए पीडब्ल्यूडी ने वन विभाग से एनओसी नहीं ली है।

इसे भी पढ़ें:  प्रदेश में सुलभ जन सेवाओं एवं निगरानी तंत्र को सशक्त करेगी ड्रोन तकनीक : मुख्यमंत्री

वहीं इस मामले को लेकर अधिशासी अभियंता कसौली राकेश गर्ग से बात को गई है उन्होंने कहा कि जो सड़क के चौड़ा करने का कार्य किया जा रहा वह लोक निर्माण विभाग की अधिकृत की गई भूमि पर ही किया जा रहा है।

वन भूमि को बनाया डंपिग साइट
वहीं इस सड़क के निर्माण कार्य में दूसरी सबसे बड़ी अनियमितता यह सामने आई है कि निजी कम्पनी द्वारा सड़क की कटिंग का अधिकतर मालवा डंपिंग साईड की जगह वन विभाग और स्थानीय लोगों को निजी भूमि पर गिरा दिया गया है। अवैध रूप से जगह-जगह मलबा डंप करने पर वन विभाग की भूमि पर वन संपदा को लाखों का नुकसान हुआ है।

विस्तारीकरण का कार्य जोरों पर चला हुआ है। इस दौरान निर्माण पर लगी मशीनरी अवैध रूप मलबा हर कहीं डंप कर रही है। बता दें कि शुरुवात में विभाग द्वारा इसके लिए निजी कंपनी( ठेकेदार) की डी आर काटी गई थी लेकिन वान विभाग की भूमि पर जो नुकसान हुआ था वह डैमेज रिपोर्ट से कहीं अधिक था ।

इसे भी पढ़ें:  शिमला में 25 सितंबर को भाजपा का विशाल धरना प्रदर्शन

बावजूद इसके कंपनी द्वारा दुबारा बरसात के बाद सड़क कटिंग का जो मलबा है उसे बड़ी मात्रा में फिर से वन विभाग की भूमि पर गिराया जा रहा है। जबकि वन विभाग और उसके अधिकारी अभी तक मूकदर्शक बने हुए है। बता दें कि नियमानुसार मलबे को डंप करने के लिए डंपिंग साइट होना जरूरी है। कंपनी द्वारा डंपिंग साईड भी ली गई है लेकिन वहां आधा अधूरा मलवा गिरा कर बाकि मलबे को सड़क के साथ नीचे की तरफ लगती वन विभाग की भूमि पर अवैध रूप से गिराया जा रहा है।

Aaj Ki KhabrenHimachal Latest NewsHimachal News in HindiHimachal Pradesh NewsHimachal Pradesh samacharHimachal updateHP government newsHP News Today

Join WhatsApp

Join Now