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Himachal News: हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश के बाद पूरे प्रदेश में चलेगा अवैध कब्जे हटाने का सिलसिला..!

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Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी और वन भूमि पर  रहने और अवैध तरीके से कब्ज़ा करने वाले हजारों लोगों की चिंताएं बढ़ने वाली है, क्योंकि हाईकोर्ट ने सरकारी और वन भूमि पर अवैध तरीके से किए गए कब्जों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे हटाने के निर्देश दिए हैं।

कोर्ट ने कहा है कि अपर शिमला के एक दो गांवों से ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश से कब्जे हटाओ। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्पष्ट किया है कि केवल छोटे कब्जाधारकों पर ही नहीं, बल्कि बड़े कब्जाधारकों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि पूरे प्रदेश में कितने अवैध कब्जे हैं, इसकी विस्तृत जानकारी अगली सुनवाई में स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत की जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि वन भूमि पर अवैध तरीके से बगीचे लगाने के मामले में केवल अपर शिमला के एक-दो गांवों तक सीमित न रहें, बल्कि पूरे प्रदेश से अवैध कब्जे हटाए जाएं।

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खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई केवल वन भूमि पर लगाए गए सेब के पेड़ों तक ही सीमित न रहे, बल्कि जहां भी सरकारी भूमि और वन भूमि पर अवैध कब्जे हुए हैं, उन सभी स्थानों पर एक समान और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कोर्ट के आदेशों की अनुपालना की जा रही है और विभाग अवैध कब्जों को हटाने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है। हालांकि, इससे पहले सरकार ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर लगाए गए सेब के बगीचों की देखरेख करने में अपनी असमर्थता जाहिर की थी, जिस पर हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की।

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हिमाचल हाईकोर्ट की इस टिप्पणी के बाद अब पूरे प्रदेश में अवैध कब्जों को हटाने का सिलसिला तेज होने की संभावना है। यह कदम न केवल वन और सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को भी संरक्षित करने में मददगार साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि ऐसे में अब बहुत से गरीब लोगों की चिंता बढ़ने वाली है, क्योंकि कई गरीब लोग ऐसे हैं जिनके पास अपनी जमीन नहीं है और वे वन भूमि या सरकारी जमीन पर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। सरकार की ओर से उन्हें अभी तक जमीन की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसे में उनकी वन भूमि या सरकारी जमीन पर बनी झोपड़ियाँ या घर उजड़ सकते हैं, जिससे वे बेघर हो जाएँगे।

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