Himachal Minor Daughters Rape Case: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके में पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। पुलिस ने नाबालिग जुड़वां बेटियों के साथ कथित दुष्कर्म के आरोप में उनके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में महिला पुलिस थाना धर्मशाला में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी, जिसके बाद से पुलिस लगातार कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गंभीर घटना बीते 3 अक्तूबर को हुई थी। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब चाइल्ड लाइन के माध्यम से इसकी सूचना अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने 7 अक्तूबर को धर्मशाला के महिला पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। शुरुआती दौर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक स्वयंसेवी संस्था ने गंभीर सवाल उठाए थे। संस्था का आरोप था कि पुलिस ने मामले में गंभीर धाराएं लगाने और त्वरित कार्रवाई करने में देरी की है।
प्रारंभिक जांच के दौरान स्थिति काफी उलझी हुई थी क्योंकि शुरुआत में बच्चियों ने केवल छेड़छाड़ की बात कही थी। इसके अलावा, बच्चियों की मां ने भी शुरुआती स्तर पर इन आरोपों से पूरी तरह इनकार किया था। इस पेचीदगी को सुलझाने के लिए प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों बच्चियों और उनकी मां की विशेष काउंसलिंग करवाई। इस मनोवैज्ञानिक और पेशेवर काउंसलिंग के बाद स्थिति स्पष्ट हुई।
काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुलिस ने 13 अक्तूबर को दोनों नाबालिग बच्चियों के बयान माननीय न्यायालय के समक्ष दर्ज करवाए। कानूनी प्रक्रिया के तहत दोनों पीड़ित बच्चियों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था। पुलिस ने चिकित्सा विशेषज्ञों से मेडिकल रिपोर्ट पर अंतिम राय मांगी और रिपोर्ट के औपचारिक रूप से प्राप्त होने के बाद आरोपी पिता को तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
मामले में हो रही आलोचनाओं का जवाब देते हुए कांगड़ा के पुलिस अधीक्षक कुलभूषण वर्मा ने पुलिस पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल रिपोर्ट पर विशेषज्ञों की अंतिम राय मिलने के बाद ही नियमानुसार आरोपी की गिरफ्तारी की गई है। एसपी ने पुलिस की ओर से किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बरतने के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में आगे की जांच अभी भी जारी है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी पर लगे तमाम आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है।



















