Prajasatta Side Scroll Menu

रघुप्रीत हाईड्रो प्रोजेक्ट की क्रेटवॉल उखड़ने से खेत मालिकों को भारी नुकसान

रघुप्रीत हाईड्रो प्रोजेक्ट की क्रेटवॉल उखड़ने से खेत मालिकों को भारी नुकसान

-पाईपलाईन से मकानों को भी मंडराया ख़तरा
सैंज:-
सैंज तहसील के न्यूली में स्थापित करीब 2 मेगावॉट की विद्युत उत्पादन क्षमता बाला रघुप्रीत हाईड्रो परियोजना प्रबंधन अपनी लचर व्यवस्था को लेकर एक बार फिर से सवालों के घेरे में है । करीब दस वर्ष पूर्व शुरू हुए परियोजना के निर्माण कार्य में करतौल नाले के दो किनारों पर बसी गाड़ापारली व शैंशर ग्राम पंचायतों के अलावा देहुरीधार पंचायत के सैंकड़ों लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष तौर पर रघुप्रीत हाईड्रो प्रोजैक्ट से प्रभावित हुए है। जिसमें लोगों की उपजाऊ जमीन परियोजना की बलि चढ़ि है ।

राष्ट्रहित की बात समझते हुए लोगों ने अपनी ज़मीन में परियोजना के पॉवर हाउस के लिए ले जाई जाने बाली पानी की पाईपलाईन को फिट करने दिया जिसके लिए लोगों के खेतों में परियोजना प्रबंधन के ओर से पाईपलाईन बिछाने के साथ-साथ डंगे व क्रेटवॉल लगाए गए । लेकिन बरसात की बारिश में परियोजना प्रबंधन के डंगे व क्रेटवॉल ज्यादा समय तक नहीं टिक पाए और लोगों के खेतों में ही ढेर हो गए । पाईपलाईन के साथ लगे इन डंगों के गिरने से जहां लोगों के खेतों में मलवा आने से नुकसान हुआ है वहीं पानी का तेज बहाव छोड़ने पर पाईप के टूटने का भी खतरा हो गया है । जिससे इसकी चपेट में उतराई में आने बाले अन्य खेत व स्थानीय लोगों के रिहायशी मकानों के आने का भी भारी खतरा हो गया हूं।

इसे भी पढ़ें:  कुल्‍लू: पुलिस ने 24 वर्षीय युवक को 2.144 किलोग्राम चरस की खेप सहित किया गिरफ्तार

इस प्रोजेक्ट से पहले ही जंगला, नौतोड़ विहाली , थुआरी, चिनाहिड़ी, सांभा, भंडरु डवार खदरी, सोइण आदि गांवों के सैकड़ों लोगों को परियोजना निर्माण के दौरान भारी परेशानियां झेलनी पड़ी वहीं अब शैंशर व देहुरिधार पंचायतों के न्यूली में डंगे गिरने व क्रेटवॉल उखड़ने से तबाही हुई है । खेत मालिकों को को जहां फ़सल और ज़मीन का दोहरा नुकसान हुआ है वहीं इस सीध में आने बाले रिहायशी मकान भी इसकी जद में आ सकते हैं ।

बता दें कि रघुप्रीत हाईड्रो परियोजना द्वारा बिछाई पाईपलाईन में सेरी कैंची में करीब 100 मीटर लंबे दायरे में डंगा गिर गया है जिसमें परियोजना की पाईपलाईन टूटने का भी अंदेशा बन गया है । लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक ख़तरे बाले स्थानों में परियोजना प्रबंधन द्वारा डंगे नहीं लगाए जाते तब तक पाईपलाईन में पानी की सप्लाई न छोड़ी जाए ।

इसे भी पढ़ें:  Operation Lotus-2: बीजेपी नेताओं का बड़ा दावा, राज्यसभा चुनाव से पहले हिमाचल में हो सकता है बड़ा उलटफेर

पंचायत प्रधानों भगत राम, मथरा देवी व ऐमुना देवी ने कहा परियोजना प्रबंधन से स्थानीय लोगों को पहले ही अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । जबकि बरसात में गिरे डंगे से लोगों के खेतों व रास्तों को काफ़ी क्षति पहुंची है जबकि मकानों को भी ख़तरा पैदा हो गया है । पंचायत नुमाईंदों ने परियोजना प्रबंधन को पाईपलाईन के साथ लगते डंगों व क्रेटवॉल को जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया है ताकि स्थानीय लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो ।

शैंशर व देहुरिधार सहित विभिन्न पंचायतों में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए संबंधित विभागों को कहा गया है तथा हितधारकों की सुविधा के लिए यथासंभव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं ।
:- आशुतोष गर्ग, जिलाधीश कुल्लू

इसे भी पढ़ें:  KULLU NEWS: मलाणा परियोजना-2 के रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लेने पहुंचे सीपीएस सुन्दर सिंह ठाकुर
Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
Aaj Ki Khabren Kullu district update Kullu HP news Kullu latest news Kullu Manali News KULLU NEWS Kullu news today Kullu samachar

Join WhatsApp

Join Now