Kullu Opium Cultivation: कुल्लू जिले में नशे के सौदागरों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। ताजा मामले में, उपमंडल बंजार के अंतर्गत आने वाले बठाहड़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया गया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में एसटीएफ ने 1 लाख 37 हजार से अधिक अफीम के पौधों को जड़ से उखाड़कर नष्ट कर दिया है।
पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसटीएफ कुल्लू को बंजार तहसील के शलिंगचा गांव में निजी भूमि पर अवैध रूप से अफीम की फसल लहलहाने की पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसटीएफ कुल्लू ने अविलंब दो विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों ने संबंधित क्षेत्र में दबिश दी और विशेष तलाशी अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप बड़े क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती पाई गई।
मौके पर मौजूद एसटीएफ के डीएसपी हेमराज शर्मा ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यह अवैध खेती करीब 4 बीघा निजी भूमि पर की जा रही थी। टीम ने वैज्ञानिक तरीके से आंकलन करने के बाद पाया कि मौके पर लगभग 1,32,787 अफीम के पौधे मौजूद थे। कानून सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी पौधों को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है। इस गंभीर उल्लंघन के लिए बंजार पुलिस थाने में एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।
एसटीएफ की यह कार्रवाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। डीएसपी हेमराज शर्मा ने बताया कि कुल्लू इकाई अब तक जिले के विभिन्न हिस्सों में लगभग 25 बीघा निजी भूमि पर अवैध रूप से उगाए गए 6,25,463 से अधिक अफीम के पौधों को सफलतापूर्वक नष्ट कर चुकी है। इस नशा विरोधी अभियान के दौरान अब तक कुल 9 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिससे क्षेत्र के नशा माफियाओं में स्पष्ट रूप से हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
विभाग के अनुसार, एसटीएफ का प्राथमिक लक्ष्य हिमाचल प्रदेश को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना और अफीम की अवैध खेती के तंत्र को ध्वस्त करना है। डीएसपी शर्मा ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने युवाओं और आम नागरिकों से इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया है।
पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास चिट्टा, अफीम की खेती या किसी भी प्रकार के नशे के कारोबार की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत आपातकालीन नंबर 112 या अपने नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी ताकि बिना किसी भय के नागरिक पुलिस का सहयोग कर सकें।
बंजार के बठाहड़ और शलिंगचा जैसे दुर्गम इलाकों में अफीम की खेती का पकड़ा जाना यह दर्शाता है कि नशा माफिया अब निजी भूमियों का उपयोग कर कानून की नजरों से बचने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, एसटीएफ की निरंतर सक्रियता ने इस नेटवर्क को कमजोर कर दिया है। वर्तमान में पुलिस इस मामले में शामिल आरोपियों की धरपकड़ के लिए जांच तेज कर चुकी है।
















