Ashok Mittal ED Raid: पंजाब की राजनीति और आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर उस समय खलबली मच गई, जब बुधवार (15 अप्रैल 2026) की सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के आवास पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई जालंधर स्थित उनके निवास के साथ-साथ उनके व्यावसायिक संस्थानों पर भी की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय के दिल्ली मुख्यालय की जांच इकाई इस समय जालंधर और गुरुग्राम के कुल 10 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है। अशोक मित्तल के बेटे के ठिकानों को भी इस जांच के दायरे में लिया गया है।
जांच टीम का मुख्य फोकस कथित तौर पर आय को गलत तरीके से एकत्रित करने और विदेशी मुद्रा प्रबंधन से जुड़े संदिग्ध लेन-देन पर है। जालंधर के नकोदर रोड स्थित प्रसिद्ध ‘लवली स्वीट्स’ के बाहर आयकर विभाग की गाड़ियों की मौजूदगी से इलाके में तनाव का माहौल है। बताया जा रहा है कि जब टीम पहुंची, तब सांसद मित्तल अपने घर पर ही मौजूद थे।
ED की यह रेड केवल आवास तक सीमित नहीं है। टीम ने जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के अलावा गुरुग्राम स्थित ‘Tetr College of Business’ और ‘मास्टर्स स्कूल ऑफ यूनियन बिजनेस’ में भी तलाशी ली है। ये सभी शिक्षण संस्थान एक ही व्यापारिक समूह से जुड़े बताए जा रहे हैं, जिसकी कड़ियां जांच एजेंसी जोड़ रही है।
जहाँ-जहाँ चुनाव होता है BJP अपनी एजेंसियों को पहले भेज देती है।
पंजाब चुनाव के पहले राज्य सभा में AAP के उप नेता अशोक मित्तल के घर ED की छापेमारी उसी की एक शुरुआत है।
इस खेल से कोई फ़ायदा नही
पंजाब में बुरी तरह हारेगी BJP— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) April 15, 2026
यह घटनाक्रम राजनीतिक रूप से इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को हटाकर अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का डिप्टी लीडर नियुक्त किया था। नई जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही समय बाद हुई इस कार्रवाई ने सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसियों ने आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
इस छापेमारी पर आम आदमी पार्टी की ओर से पहली तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। आप नेता और सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी उन राज्यों में अपनी केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय कर देती है, जहां चुनाव होने वाले होते हैं। सिंह ने इसे अशोक मित्तल के खिलाफ एक राजनीतिक साजिश करार दिया है।



















