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गृह मंत्रालय ने ममता सरकार से तलब की रिपोर्ट

West Bengal Violence: गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पिछले दिनों हावड़ा में हुई हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। सूत्रों का कहना है कि सरकार से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। गृह मंत्रालय ने यह कदम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार की चिट्ठी को संज्ञान में लेकर उठाया है। मजूमदार ने गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी।

प्रदेश अध्यक्ष मजूमदार हिंसा के बाद एक हफ्ते के भीतर गृह मंत्रालय को दो चिट्ठी लिखी थी। मजूमदार ने चिट्ठी में लिखा था कि 31 मार्च को हावड़ा और डालखोला में रामनवमी के जुलूसों पर पथराव किया गया। इसके बाद भी हिंसा थमी नहीं है। बीते रविवार को हुगली जिले के रिषड़ा में रामनवमी के जुलूस पर एक और हमला किया गया। उस वक्त भाजपा सांसद और उपाध्यक्ष दिलीप घोष भी थे।

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मजूमदार ने कहा कि राम भक्तों के साथ सांसद और उपाध्यक्ष पर भी पथराव किया गया था। उनके वाहन को आग लगा दी गई थी और आगजनी की घटनाएं हुईं क्योंकि पुलिस महज तमाशबीन बनी रही। पुलिस को टीएमसी का समर्थन मिला हुआ है। सीएम ममता बनर्जी ने भी उपद्रवियों के पक्ष में कई बयान जारी किए हैं।

लॉकेट चटर्जी की पुलिस से झड़प

रिषड़ा में हुई हिंसा के बाद प्रभावितों से मिलने के लिए मंगलवार को भाजपा सांसद लॉकेट चटर्जी पहुंचीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें धारा 144 का हवाला देकर रोक लिया। इस पर उनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई। लॉकेट चटर्जी ने कहा कि यहां धारा 144 नहीं लगनी चाहिए। अगर लगी है तो कागज दिखाएं।

मजूमदार ने की राज्यपाल से मुलाकात

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुकांता मजूमदार की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल आनंद बेस से मुलाकात की है। मजूमदार ने बताया कि रामनवमी की हिंसा पूर्व नियोजित थी, क्योंकि बम एक दिन में नहीं बनते। राज्यपाल ने हमें रिषड़ा और उसके आस-पास इलाकों में जाने से मना किया इसलिए हम वहां नहीं जाएंगे लेकिन अगर कल की तरह वहां फिर हिंसा हुई तो हमें धरने पर बैठना पड़ेगा।

उन्होंने बताया कि हमने राज्यपाल से मुलाकात कर तत्काल केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग की है क्योंकि पुलिस कानून व्यवस्था को संभाल नहीं पा रही है।

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