INS Sunayna in Maldives: भारतीय नौसेना और मालदीव के बीच रक्षा सहयोग को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय नौसेना का जहाज आईएनएस सुनयना (INS Sunayna) मालदीव की राजधानी माले पहुंच गया है। ‘IOS SAGAR’ पहल के तहत तैनात यह जहाज 6 अप्रैल को माले पहुंचा, जो इसकी वर्तमान परिचालन तैनाती की पहली ‘पोर्ट कॉल’ (बंदरगाह यात्रा) है।
माले पहुंचने पर मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) ने आईएनएस सुनयना का औपचारिक स्वागत किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच स्थायी समुद्री साझेदारी और क्षेत्रीय संबंधों की मजबूती को दर्शाती है। विशेष बात यह है कि इस जहाज पर सवार बहुराष्ट्रीय चालक दल में MNDF के दो सैन्य कर्मी भी शामिल हैं, जो दोनों देशों के बीच परिचालन समन्वय का प्रमाण है।
माले की यात्रा के दौरान, जहाज पर मौजूद अंतरराष्ट्रीय चालक दल ने सीमैनशिप, स्मॉल आर्म्स फायरिंग और डैमेज कंट्रोल ड्रिल जैसे गहन प्रशिक्षण अभ्यासों में भाग लिया। इन अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य सामूहिक तैयारी, परिचालन अंतर-संचालन (interoperability) और समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है।
मालदीव में भारत के उच्चायुक्त जी. बालसुब्रमण्यम ने जहाज का दौरा किया और बहुराष्ट्रीय चालक दल के सदस्यों के साथ बातचीत की। बंदरगाह प्रवास के दौरान, दोनों देशों के बलों के बीच तालमेल और सौहार्द बढ़ाने के लिए कई पेशेवर और सामाजिक चर्चाएं तथा खेल गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। माले से प्रस्थान करते समय, आईएनएस सुनयना और एमएनडीएफ कोस्ट गार्ड के बीच एक पैसेज एक्सरसाइज (PASSEX) भी निर्धारित है।
‘नेबरहुड फर्स्ट’ और महासागर विजन
आईएनएस सुनयना की यह तैनाती भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी पहले) नीति और महासागर (MAHASAGAR) विजन के अनुरूप है। ‘MAHASAGAR’ का लक्ष्य क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास (Security and Growth for All in the Region) सुनिश्चित करना है। इस मिशन में 16 मित्र देशों के अंतरराष्ट्रीय क्रू सदस्य शामिल हैं, जो दक्षिण-पूर्व हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात हैं।
उल्लेखनीय है कि रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने 2 अप्रैल को मुंबई से आईएनएस सुनयना को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण और आपसी विश्वास को मजबूत करने के प्रति भारतीय नौसेना की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।





















