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महंगाई की मार: सब्जियों के दाम आसमान पर, अगले 15 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

महंगाई की मार: सब्जियों के दाम आसमान पर, अगले 15 दिनों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

प्रजासत्ता|
पेट्रोल डीजल की कीमतों में कमी और त्योहारों का सीजन खत्म हो जाने के बाद भी अभी तक महंगाई खत्म होने का नाम नही ले रही है। टमाटर के दाम आसमान को छू रहे हैं। तो वहीं, प्याज के दाम आम आदमी के आंसू निकल रहे हैं। आम सब्जियों के दाम भी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं. महंगाई की मार लोगों पर साफ नजर आ रही है। महंगाई की मार लोगों पर साफ नजर आ रही है. सब्जियां लगातार लोगों की पहुंच से बाहर हो गई हैं।

जहाँ पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम के बाद सब्जियों के दाम जिस तरीके से आसमान छू रहे हैं,उसने आम लोगों के लिए एक बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। टमाटर की कीमत की अगर बात करें तो 2 महीने पहले तक जहां टमाटर की कीमत 20 रुपये किलो थी वह पिछले कुछ दिनों में तीन से चार गुना बढ़ चुकी है। बढ़ती कीमतों के कारण लोग टमाटर का इस्तेमाल खाना बनाने में काम कर रहे हैं।

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यही हाल प्याज का भी है। प्याज की कीमत 1 महीने पहले तक 15 से 20 रुपये थी, वह 55 से 65 रुपये पहुंच गई है बढ़ रहे प्याज के दाम लोगों के आंसू निकाल रहे हैं। प्याज और टमाटर के लगातार बढ़ते दामों के कारण लोग इनको खरीदने से परहेज भी कर रहे हैं। जहाँ मंडीयों में टमाटर 40 से 50 प्रति किलो बिक रहा है। यही रिटेल मंडी में जाकर 65 से 75 रुपये और गलियों और अन्य इलाकों में 80 से 90 और 100 रूपये बिक रहा है।

इसके अलावा आलू की कीमत की लगातार बढ़ती जा रही है। आलू एक महीने पहले तक 10 रुपये प्रति किलो बिकता था, वह इस वक्त मंडियों के अंदर 25 से 30 रुपये प्रति किलो बिक रहा है सब्जियों के दाम बढ़ने से उनकी दुकानदारी पर भी काफी असर पड़ा है। जहाँ बढ़ते दामों के बीच लोग सब्जियां कम खरीद रहे हैं। नतीजन दुकानदारों को सब्जियां बेचना मुश्किल हो रहा । दुकानदार व्यापारियों के कर्जदार होते जा रहे हैं। ऐसे में उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।

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माना जा रहा है कि कई राज्यों में लगातार बारिश हो रही है। नई फसल पूरे तरीके से मंडियों में नहीं पहुंची है। नई फसल के मंडियों में पहुंचने में अभी 10 से 15 दिन का वक्त और लगेगा तब तक लोगों को प्याज और टमाटर के दाम इसी तरीके से रुलाते रहेंगे।

Kasauli International Public School, Sanwara (Shimla Hills)
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