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राहुल गांधी का बड़ा बयान, ‘ओबीसी, दलित और आदिवासियों का हिस्सा चोरी नहीं होने देंगे’

Rahul Gandhi on OBC Rights: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा से पहले राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- परिसीमन और जनगणना के बहाने पिछड़ों की भागीदारी छीनने की हो रही है बड़ी साजिश।
Published on: 16 April 2026
Rahul Gandhi Caste Census Statement राहुल गांधी का बड़ा बयान, 'ओबीसी, दलित और आदिवासियों का हिस्सा चोरी नहीं होने देंगे'

Rahul Gandhi Caste Census Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि सरकार महिला आरक्षण की आड़ में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अधिकारों का हनन करना चाहती है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर इस पूरी प्रक्रिया को “हिस्सा चोरी” करने की कोशिश करार दिया है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह समर्थन करती है, लेकिन सरकार की नीयत पर उन्हें संदेह है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पुराने आंकड़ों के आधार पर निर्णय लेकर पिछड़ों की वास्तविक आबादी को नजरअंदाज करना चाहती है। राहुल के अनुसार, यह ओबीसी समुदाय की भागीदारी को कम करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

वीडियो संदेश में पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी जाति जनगणना के नाम से घबराए हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे ही जाति जनगणना के आंकड़े सामने आएंगे, पिछड़ों की वास्तविक जनसंख्या का पता चल जाएगा। राहुल गांधी ने इसे ‘राष्ट्र-विरोधी’ गतिविधि बताते हुए कहा कि भाजपा नहीं चाहती कि ओबीसी समुदाय को उनकी आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिले।


गांधी ने परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर आगे बढ़ती है, तो इसमें ओबीसी का सटीक आंकड़ा शामिल नहीं होगा। उन्होंने मांग की है कि परिसीमन और महिला आरक्षण का क्रियान्वयन 2026 की नई जनगणना के आधार पर होना चाहिए, जिसमें जातिगत आंकड़े अनिवार्य रूप से शामिल हों।

राहुल गांधी ने दक्षिण भारतीय राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों के हितों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन की प्रक्रिया अगर मोदी सरकार की इच्छा के अनुसार हुई, तो दक्षिण के राज्यों, पश्चिम के छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह छोटे प्रदेशों और पिछड़ों के खिलाफ किसी भी कदम को सफल नहीं होने देंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना चाहती है, तो वह मौजूदा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को तुरंत लागू कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका पूरा समर्थन करेगी, लेकिन जनगणना और परिसीमन के नाम पर ओबीसी, दलित और आदिवासी समुदायों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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