Rahul Gandhi On Naravane Book: संसद में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के महज एक मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे से प्रश्नकाल नहीं चल सका। विपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने का अवसर देने की मांग पर अडिग है।
इस बीच पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर विवाद और गहरा गया है। सोशल मीडिया पर किताब के कथित लिंक और हिस्से वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद के बाहर मीडिया से बात करते हुए इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला।
राहुल गांधी ने जनरल नरवणे का एक ट्वीट दिखाते हुए कहा कि उसमें लिखा है – ‘मेरी किताब के लिंक पर क्लिक करें’। उन्होंने कहा, “इसका मतलब साफ है कि या तो जनरल नरवणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन प्रकाशन झूठ बोल रहा है। मुझे नहीं लगता कि पूर्व सेना प्रमुख झूठ बोलेंगे।”
राहुल ने आगे कहा कि पेंगुइन का दावा है कि किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई, लेकिन अमेजन पर यह उपलब्ध दिख रही है। जनरल नरवणे ने ट्वीट में लिखा है, ‘कृपया 2023 में मेरी पुस्तक खरीदें’। राहुल ने कहा, “मैं पेंगुइन की बजाय नरवणे जी पर विश्वास करता हूं। क्या आप पेंगुइन पर ज्यादा भरोसा करते हैं?”
#WATCH | On Delhi Police files FIR to investigate alleged circulation of former Army chief General MM Naravane’s (Retd) unpublished book, LoP Lok Sabha Rahul Gandhi says,” Here is a tweet from Mr Naravane which says -“Just follow the link to my book”. The point I am making is -… pic.twitter.com/zeHbtzJpjJ
— ANI (@ANI) February 10, 2026
राहुल गांधी का कहना है कि मैं पेंगुइन की तुलना में नरवणे जी पर विश्वास करता हूं, क्या आप उनकी तुलना में पेंगुइन पर विश्वास करते हैं। मेरा मानना है कि पूर्व सेना प्रमुख ने अपनी पुस्तक में कुछ ऐसा कहा है कि जो भारत सरकार और प्रधानमंत्री के लिए असुविधाजनक हैं।
दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की टाइप की हुई पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है। साथ ही कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म पर किताब का कवर इस तरह दिखाया जा रहा है जैसे वह बिक्री के लिए तैयार हो। पुलिस ने इसकी एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) ने स्पष्ट किया है कि जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के प्रकाशन के सभी अधिकार सिर्फ उनके पास हैं। प्रकाशक ने कहा कि किताब अभी तक छपी नहीं है और कोई भी प्रिंट या डिजिटल कॉपी जनता के लिए उपलब्ध नहीं कराई गई है। अनधिकृत प्रतियां सर्कुलेट होना कॉपीराइट का उल्लंघन है।















