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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठी खबरों को लेकर कानून कड़े करेगी केंद्र सरकार

Published on: 11 February 2021
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर झूठी खबरों को लेकर कानून कड़े करेगी केंद्र सरकार

प्रजासत्ता |
सोशल मीडिया ने आम लोगों को सशक्त बनाया है लेकिन अगर इसका दुरुपयोग होगा तो सरकार इसपर एक्शन लेगी। गुरवार को राज्यसभा में ट्वीटर पर खातों के निलंबन में देरी को लेकर ट्विटर पर चल रही तनातनी के बीच केंद्र सरकार ने संसद को सूचित किया कि वह सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबंधित नियमों में संशोधन की प्रक्रिया में है ताकि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अधिक संवेदनशील और भारतीय कानूनों के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम ट्विटर पर कुछ भी लिखने की आजादी नहीं देंगे। सोशल मीडिया ने आम लोगों को सशक्त बनाया है लेकिन अगर इसका दुरुपयोग होगा तो सरकार इसपर एक्शन लेगी।

उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की अहम भूमिका है लेकिन अगर फर्जी खबरों का प्रसार करने के लिए इसका उपयोग किया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी। ताकि फर्जी खबरों से होनेवाले किसी भी नुकसान को रोका जा सकें।

केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह साफ किया कि सोशल मीडिया के काम करने के तरीके को लेकर सरकार काफी सख्त होगी। मीडिया की स्वतंत्रता के लिए हमारी प्रतिबद्धता है लेकिन इसमें भारत की सुरक्षा और संप्रभुता भी शामिल है।

उन्होंने कहा हम इस बात पर काफी कठोर रहेंगे कि सोशल मीडिया कैसे काम कर रहा है। दोहरे मानक यहां नहीं चलेंगे। झूठी खबरें और हिंसा न फैलाएं। केंद्रीय मंत्री ने कहा जब आप एक प्लेटफॉर्म बन रहे हैं और अपने खुद के नियम बना रहे हैं तो यह यहां नहीं चलेगा। आपको नियमों का पालन करना होगा।

गौरतलब हो कि सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर भारत सरकार और ट्विटर के बीच जंग जारी है। सरकार ने ट्विटर से ऐसे कई आकउंट को बंद करने को कहा है| जिसमें 1,178 खातों का उल्लेख है जिन्हें देश में चल रहे किसानों के विरोध पर नकली समाचार और नफरत फैलाने के लिए निलंबित या कम से कम बंद करने की आवश्यकता है।

ट्विटर ने कल कहा कि उसने भारत सरकार के ‘कानूनी अनुरोधों’ के जवाब में अपने नियमों के स्पष्ट उल्लंघन के लिए 500 से अधिक खातों को स्थायी रूप से निलंबित करने सहित कई प्रवर्तन कार्रवाई शुरू की है। हालांकि, सोशल मीडिया फर्म ने सूची में उल्लिखित सभी खातों के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया है, जिसमें कहा गया है कि यह उन खातों को निलंबित नहीं करेगा जो भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए मीडिया, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं से संबंधित हैं।

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