Blue Drum Murder Case Meerut: मेरठ की एक जिला अदालत ने बहुचर्चित ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’ में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के जुर्म में मौत यानी फांसी की सजा सुनाई है। अदालत के इस सख्त फैसले के बाद एक बार फिर उस खौफनाक घटना की यादें ताजा हो गई हैं, जिसने इंसानियत को पूरी तरह से शर्मसार कर दिया था।
बता दें कि इसी साल की शुरुआत में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सौरभ राजपूत हत्याकांड पर आधारित एक खास डॉक्यू-सीरीज रिलीज हुई थी, जिसका नाम ‘हनीमून से हत्या: महिलाएं क्यों मारती हैं’ रखा गया था। इस डॉक्यू-सीरीज में कुल 5 ऐसे संगीन मामलों को दिखाया गया है, जिन्होंने समाज की रूह को अंदर से कंपा दिया था। इसमें मेरठ का वह नीला ड्रम हत्याकांड भी शामिल है, जिसने हर किसी को अंदर से डराकर रख दिया था।
यह सीरीज असल में उन महिलाओं की हैरान करने वाली सच्ची कहानियों को सामने लाती है, जिन्होंने अपने ही पतियों को मौत के घाट उतार दिया था। इसमें पूरी घटना को गहराई से समझाने के लिए पुलिस इन्वेस्टिगेशन, इंटरव्यू और री-एनेक्टमेंट का पूरा सहारा लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि ब्लू ड्रम मर्डर केस से जुड़ी यह दर्दनाक घटना 3 मार्च 2022 की है, जब लंदन में रहने वाले सौरभ राजपूत की हत्या उनकी ही पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके बॉयफ्रेंड साहिल शुक्ला ने मिलकर कर दी थी। हैरानी की बात तो यह थी कि दोनों हत्या के बाद पूरी रात उसी घर में लाश के साथ ही रहे थे। अगली सुबह, उन्होंने बाजार जाकर एक चाकू, सीमेंट और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा।
इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की लाश के बेरहमी से चार टुकड़े किए और उन टुकड़ों को तकिए के कवर में लपेटकर उस नीले ड्रम के अंदर डाल दिया। सबूत मिटाने के लिए ड्रम के अंदर सीमेंट का घोल भी डाल दिया गया था ताकि किसी को शक न हो। वे इस ड्रम को कहीं दूर ठिकाने लगाना चाहते थे, लेकिन ड्रम बहुत ज्यादा भारी होने की वजह से घर से बाहर नहीं जा सका और आखिरकार वह उसी किराए के घर में छिपा रह गया।
इतना सब करने के बाद भी दोनों के चेहरे पर जरा सी भी शिकन तक नहीं थी। 4 मार्च को उन्होंने ड्राइवर अजब सिंह के साथ एक कैब बुक की और हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड घूमने निकल पड़े। ड्राइवर के मुताबिक, उन्होंने 17 मार्च को मेरठ लौटने से पहले मनाली, शिमला और कसोल की वादियों में खूब बीयर पी और बर्फ में खेलते हुए अपनी छुट्टियां मनाईं।
इसके बाद 17 मार्च को जब वे वापस लौटे, तो मुस्कान ने अपनी मां कविता को फोन करके सारा सच खुद ही बता दिया कि उसने सौरभ को मार डाला है और उसकी लाश उनके किराए के घर में पड़ी है। इसके बाद मुस्कान के पिता प्रमोद ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, और पुलिस ने बिना देर किए मुस्कान और साहिल दोनों को दबोच लिया।
पुलिस जब उस किराए के मकान में पहुंची और छानबीन की, तो उन्हें वह नीला ड्रम मिल गया जिसके अंदर सौरभ राजपूत की लाश बंद थी। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर 19 मार्च को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया और वहां से उन्हें सीधे जेल भेज दिया गया। इस पूरे मामले में एक और हैरान करने वाला मोड़ तब आया जब 24 नवंबर को मेरठ जेल के अंदर बंद रहने के दौरान मुस्कान ने एक बेटी को जन्म दिया।
इत्तेफाक की बात देखिए कि जिस सौरभ की हत्या का उस पर इल्जाम था, उसका जन्मदिन भी ठीक 24 नवंबर को ही होता है। यह मुस्कान की दूसरी बेटी है, जबकि उसकी पहली बेटी ‘पीहू’ अपने दादा-दादी के पास पूरी तरह सुरक्षित रह रही है। अगर आप इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो आप ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर मौजूद डॉक्यू-सीरीज में इसकी पूरी सच्चाई देख सकते हैं।



















