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Shimla News: शिमला में शातिर चोर, रातों-रात काट ले गए निजी टेलीकॉम कंपनी के 70 पोल, दूरसंचार व्यवस्था ठप

Shimla Telecom Pole Theft Case: हिमाचल के रामपुर में गैस कटर लेकर पहुंचे गिरोह ने टेलीकॉम कंपनी के 70 लोहे के पोल चोरी कर 9.25 लाख का चूना लगाया है, मामले में शामिल संदिग्ध बोलेरो और वारदात को अंजाम देने वाले शातिर चोरों की तलाश जारी है।
By PNT
Published on: 13 May 2026
Shimla News: शिमला में शातिर चोरों रातों-रात काट ले गए 70 पोल, दूरसंचार व्यवस्था ठप

Shimla News Today: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में सक्रिय एक शातिर चोर गिरोह ने चोरी की ऐसी वारदात को अंजाम दिया है जिसने पुलिस प्रशासन और टेलीकॉम कंपनियों की नींद उड़ा दी है। जानकारी के मुताबिक मामला रामपुर उपमंडल के तकलेच क्षेत्र का है, जहां अज्ञात चोरों ने एक निजी टेलीकॉम कंपनी की ऑप्टिकल फाइबर लाइन के भारी-भरकम लोहे के पोल काटकर गायब कर दिए। इस सुनियोजित चोरी से कंपनी को करीब 9.25 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, यह घटना 5 और 6 मई की दरम्यानी रात की बताई जा रही है। एरियल टेलीकॉम सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के स्टेट मैनेजर बाबू सिंह देशवाल ने इस संबंध में रामपुर पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि कंपनी की ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) लाइन में अचानक तकनीकी बाधा आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद जमीनी स्तर पर जांच शुरू की गई।

शुरुआत में जब तकनीकी कर्मचारियों को प्रभावित स्थल पर भेजा गया, तो उन्हें वहां लोहे के दो पोल कटे हुए मिले। इसके बाद जब पूरी लाइन और रूट का सघन निरीक्षण किया गया, तो कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी दंग रह गए। जांच में सामने आया कि पूरे रूट से करीब 70 ‘एच-पोल’ (H-Poles) गायब थे। शातिर चोरों ने गैस कटर का इस्तेमाल कर इन पोलों को आधार से काटकर वाहन में लाद लिया और फरार हो गए।

जांच में यह भी तथ्य सामने आया है कि क्षेत्र में चल रहे सड़क निर्माण कार्य के कारण कई स्थानों पर ऑप्टिकल फाइबर लाइन पोल के बजाय पेड़ों के सहारे अस्थायी रूप से टिकी हुई थी। चोरों ने इसी भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाया और बिना किसी शोर-शराबे के गैस वेल्डिंग मशीनों के जरिए इस भारी-भरकम चोरी को अंजाम दिया। पोल कटने से क्षेत्र में संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।

वहीं पुलिस अब इस मामले को सुलझाने के लिए डिजिटल साक्ष्यों का सहारा ले रही है। शुरुवाती जानकारी में कंपनी द्वारा बहली क्षेत्र के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें 6 मई की रात एक संदिग्ध बोलेरो कैंपर गाड़ी उस इलाके की ओर जाती हुई दिखाई दी है। रामपुर पुलिस ने इसी वाहन को प्राथमिक सुराग मानते हुए अपनी जांच तेज कर दी है और संदिग्धों की पहचान के लिए स्थानीय इनपुट जुटाए जा रहे हैं।

शिकायत के बाद रामपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला पंजीकृत किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे न केवल संदिग्ध वाहनों की ट्रैकिंग कर रहे हैं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में काम करने वाले कबाड़ कारोबारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि चोरी किए गए लोहे के इन पोलों की बरामदगी की जा सके।

उल्लेखनीय है कि शिमला जिले में संगठित रूप से की जाने वाली यह पहली बड़ी चोरी नहीं है। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में ढली थाना क्षेत्र के शनान इलाके से लगभग 15 लाख रुपये मूल्य की सीवरेज पाइपें चोरी हो गई थीं। उस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए चोरी का माल पश्चिम बंगाल से बरामद किया था और दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा था। अब रामपुर पुलिस भी इसी तर्ज पर गिरोह का भंडाफोड़ करने की कोशिश में है।

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