Sirmour News: सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के लगनू गांव में एक ऐसी घटना घटी है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। जिंदगी भर सुख-दु:ख में एक-दूसरे का साथ निभाने वाले बुजुर्ग दंपति की इस तरह हुई विदाई ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। दशकों तक घर-परिवार की जिम्मेदारियां एक साथ संभालने वाले इस जोड़े की अंतिम विदाई ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, लगनू गांव निवासी 78 वर्षीय मांगा राम उर्फ छोटू पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। रविवार की शाम बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। उनकी पत्नी 70 वर्षीय हरदेवी पूरी तरह स्वस्थ थीं और दिनभर अपने घरेलू कामकाज में व्यस्त रहीं। परिवार के लिए वह एक सामान्य दिन था, लेकिन शाम ढलते ही परिस्थितियों ने ऐसा भयानक मोड़ लिया जिसने सबको स्तब्ध कर दिया।
पति के अचेत होने की सूचना मिलते ही हरदेवी तुरंत दौड़कर उनके पास पहुंचीं। उन्होंने अपने हाथों से अपने पति को पानी भी पिलाया। उस वक्त उन्हें यह आभास तक नहीं था कि उनका जीवनसाथी अब इस दुनिया को अलविदा कह चुका है। जब मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि मांगा राम अब नहीं रहे, तो वह इस आघात को सहन नहीं कर पाईं।
कुछ ही देर बाद जब हरदेवी शौचालय जाने के लिए कमरे से बाहर निकलीं, तो अचानक उन्हें चक्कर आया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। पति की मौत के महज 15 मिनट के भीतर पत्नी द्वारा भी प्राण त्याग दिए जाने से इस पूरे परिवार पर दु:खों का भारी पहाड़ टूट पड़ा।
मांगा राम और हरदेवी एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। ग्रामीण परिवेश की कठिनाइयों का सामना करते हुए दोनों ने अपना पूरा जीवन एक-दूसरे का हाथ थामे बिताया था। इस उम्र के पड़ाव पर भी हरदेवी घर के कामकाज में सक्रिय थीं। एक ही घर में कुछ ही मिनटों के अंतराल पर हुई दो मौतों से पूरा गांव सदमे में है।
सोमवार को स्थानीय परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार गिरि नदी के तट पर मांगा राम और हरदेवी का एक साथ एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान क्षेत्र के तमाम ग्रामीण और दूर-दराज से आए लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। नम आंखों और भारी मन से सभी ने इस बुजुर्ग दंपति को अंतिम विदाई दी।
बुजुर्ग दंपति अपने पीछे दो बेटों समेत पोते-पोतियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गया है। एक ही दिन माता-पिता दोनों की छत्रछाया उठ जाने का यह दर्द परिजनों के लिए जीवनभर का नासूर बन गया है। लगनू गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना की ही चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा सच्चा प्रेम और जुड़ाव आज के दौर में विरले ही देखने को मिलता है।



















