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पांवटा साहिब पशु चिकित्सालय को Tirupati Group ने दी ₹20 लाख की सहायता, पशुपालकों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

तिरुपति ग्रुप ने CSR के तहत उप-मंडलीय पशु चिकित्सालय पांवटा साहिब को ₹20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की है। अस्पताल में अत्याधुनिक हेमटोलॉजी ब्लड सेल काउंटर और फुली ऑटोमेटेड मेडिकल उपकरण लगाए गए हैं।
Published on: 7 September 2026
पांवटा साहिब पशु चिकित्सालय को Tirupati Group ने दी ₹20 लाख की सहायता, पशुपालकों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं

Tirupati Group News: हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब स्थित उप-मंडलीय पशु चिकित्सालय में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए एक बड़ी सहायता मिली है। तिरुपति ग्रुप ने अपने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत पशु चिकित्सालय को ₹20 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह सहायता आधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने के लिए दी गई है।

इस CSR पहल के अंतर्गत अस्पताल में दो अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें हेमटोलॉजी ब्लड सेल काउंटर Model “MEK 6550 J/K” और NX 600 फुजी ड्रि केमिस्ट्री पूर्णतः स्वचालित चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। इन उपकरणों के माध्यम से अब पशुओं की विभिन्न बीमारियों की जांच और निदान अधिक सटीक और शीघ्रता से किया जा सकेगा।

इन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का शुभ उद्घाटन कार्यकारी निदेशक अरुण गोयल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने तिरुपति ग्रुप की इस सामाजिक पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह योगदान क्षेत्र की पशु चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

तिरुपति ग्रुप सदैव समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देता है। कंपनी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनकल्याण के क्षेत्र में निरंतर योगदान देती रही है। कंपनी की यह पहल “सेवा और सामाजिक विकास” के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

उल्खलेनीय है कि पशु चिकित्सालय में अत्याधुनिक उपकरणों के आने से पांवटा साहिब और आसपास के क्षेत्रों के पशुपालकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी। पशुओं की बीमारियों का समय पर और सटीक निदान हो सकेगा, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाने में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, हेमटोलॉजी ब्लड सेल काउंटर से रक्त संबंधी बीमारियों का पता लगाना आसान हो जाएगा, जबकि फुली ऑटोमेटेड उपकरण विभिन्न जैव रासायनिक जांचों में मददगार साबित होगा। बता दें कि पांवटा साहिब क्षेत्र में स्थानीय लोगों के लिए पशुपालन भी एक प्रमुख आजीविका का साधन है, ऐसे में पशु चिकित्सालय में सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा।

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