Solan News: हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन अंतर्गत दून विधानसभा क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पट्टा महलोग में स्वास्थ्य व्यवस्था की घोर लापरवाही और प्रशासनिक संवेदनहीनता का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए अस्पताल पहुंची महिला मरीज गुलाबी देवी ने समय पर चिकित्सीय सहायता न मिलने के कारण तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। इस घटना ने सुक्खू सरकार और सरकारी स्वास्थ्य दावों की पोल खोलकर रख दी है।
जानकारी के अनुसार गंभीर हालत में जब गुलाबी देवी को परिजन सीएचसी पट्टा महलोग लेकर पहुंचे, तो वहां कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था। उस दौरान अस्पताल में केवल लैब तकनीशियन, डेंटल तकनीशियन और मिडवाइफ ही तैनात थे। आपातकालीन स्थिति में ये कर्मचारी गंभीर मरीज की जांच अथवा प्राथमिक उपचार देने के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते थे। जब तक अस्पताल में डेंटल डॉक्टर और फार्मासिस्ट पहुंचे, तब तक काफी देर हो चुकी थी और मरीज की मौत हो गई।

अस्पताल प्रशासन की अव्यवस्था और संवेदनहीनता का आलम यहीं खत्म नहीं हुआ। मरीज की मौत के बाद बिलखते परिजनों को शव घर ले जाने के लिए सरकारी एम्बुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई। इस दु:खद और शर्मनाक स्थिति में परिजनों को मजबूरन अपनी निजी ऑल्टो कार में ही शव को लादकर घर ले जाना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि लगभग 20,000 की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले इस सीएचसी पट्टा महलोग में कहने को तो दो डॉक्टर तैनात हैं, लेकिन उन्हें अक्सर डेपुटेशन पर दूसरी जगह भेज दिया जाता है। बता दें कि पिछली भाजपा सरकार और वर्त्तमान कांग्रेस सरकार से प्रदेश में जिला से दो स्वास्थ्य मंत्रियों के होने के बावजूद जिला सोलन का स्वास्थ्य महकमा खुद बदहाली के दौर से गुजर रहा है और आम जनता को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही ‘आपकी आवाज पट्टा महलोग’ के संचालक राजू भाई तुरंत मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दर्द साझा किया। इसके साथ ही पंचायत प्रधान पवन गुप्ता, वार्ड सदस्य पिंकी गुप्ता और राहुल चौहान ने अस्पताल प्रबंधन की इस अक्षम्य लापरवाही पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया।
राजू भाई ने प्रशासन और सरकार को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सीएचसी पट्टा महलोग की दुर्दशा को तुरंत नहीं सुधारा गया और दोषी कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेगी। इस घटना के बाद रति राम, प्रवीण, चेत राम, खेम चंद, जगदीश, प्रिया, रीतू, रीना और संजू शर्मा सहित पूरे क्षेत्र के निवासियों में सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ भारी गुस्सा व्याप्त है।
दूसरी ओर, इस विषय पर खंड चिकित्सा अधिकारी (चंडी) डॉक्टर गुरमेल सिंह ने बताया कि क्षेत्र में भारी बारिश के कारण डॉक्टर अस्पताल पहुंचने में थोड़े लेट हो गए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैंसर मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी।















