Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

दर्द में भी मुस्कुराता है, वो धोनी कहलाता है…देखें वीडियो

[ad_1]

नई दिल्ली: एमएस धोनी की उम्र भले ही 41 से ज्यादा हो, लेकिन मैदान पर उनकी फिटनेस क्रिकेटप्रेमियों को दंग कर जाती है। एमएस धोनी भले ही शुक्रवार को आईपीएल 2023 का ओपनिंग मैच हार गए हों, लेकिन वे अपने फैंस का दिल जीत गए। दरअसल धोनी को गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए इस मैच में चोट लग गई थी, लेकिन इसके बाद भी उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वे बुरी तरह दर्द से कराहे, लेकिन फिर भी मुस्कुराते रहे।

19वें ओवर में लगी चोट

ये नजारा 19वें ओवर में देखने को मिला। टाइटंस के बल्लेबाज राहुल तेवतिया को दीपक चाहर दूसरी गेंद डालने आए तो ये बॉल लेग स्टंप से थोड़ी दूर चली गई। इस पर तेवतिया ने शॉट मारने की कोशिश की, लेकिन बॉल उनके शू से लगकर थर्ड मैन की ओर जाने लगी, इधर गेंद को जाते देख विकेट के पीछे खड़े धोनी ने शानदार डाइव लगाई, इस चक्कर में उनका पंजा मुड़ गया और वे दर्द से कराह उठे।

इसे भी पढ़ें:  नीता अंबानी बोलीं- NMACC भारत के लिए एक सम्मान की तरह, मुकेश अंबानी ने इसे 'नए युग' की शुरुआत बताया

दर्द में भी मुस्कुराए धोनी

धोनी का ये हाल देख तुरंत फिजियो आए और उन्हें संभाला। धोनी का दर्द कम नहीं हुआ तो वे नीचे गर्दन कर अपने हाथ घुटनों पर रखे खड़े रहे, थोड़ी देर बाद जब वे उठे तो चेहरा मुस्कुराता हुआ नजर आया। धोनी के खेल के प्रति समर्पण और जज्बे को फैंस सलाम कर रहे हैं।

धोनी ने 7 गेंदों में बनाए 14 रन 

मैच की बात करें तो सीएसके ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 178 रन बनाए। इसका पीछा करते हुए हार्दिक पांड्या की टीम ने ये मुकाबला 3 गेंद शेष रहते 5 विकेट से जीत लिया। इस मैच में धोनी ने अपनी छोटी सी पारी से दिल जीता। उन्होंने 7 गेंदों में एक चौका और एक छक्का जमाकर नाबाद 14 रन बनाए। धोनी ने अंडर 19 स्टार राजवर्धन हैंगरगेकर का डेब्यू कराया, जिसने 4 ओवर में 36 रन देकर 3 विकेट चटकाए। हालांकि उनके सबसे भरोसेमंद गेंदबाज दीपक चाहर 19वें ओवर में काफी महंगे साबित हुए, जिसकी वजह से एक समय सीएसके के हाथ में आया मैच फिसल गया। सीएसके का अगला मुकाबला एलएसजी के खिलाफ 3 अप्रैल को होगा।

इसे भी पढ़ें:  क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन, महिलाएं रचेंगी इतिहास, मुंबई बनाम गुजरात



[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल