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कसौली: शातिर ने बकाया बिजली बिल का फर्जी मैसेज भेज व्यक्ति के खाते से उड़ाए 184,370 रुपये

fraud, Solan News

कसौली |
ऑनलाइन ठगी करने वालों ने नया तरीका चुन लिया है। शातिर ठग बिजली बिल जमा नहीं होने से कनेक्शन काटने का मैसेज भेजकर ठगी कर रहे हैं। प्रदेश में बहुत से लोगों के मोबाइल पर इस तरह के मैसेज आ रहे हैं। पुलिस द्वारा बार बार जागरूक करने के बाद भी कई लोग इस ठगी का शिकार हो रहे हैं ताज़ा मामला सोलन जिला के कसौली का है। जहां शातिर ठग ने मोबाइल पर बकाया बिजली बिल का फर्जी मैसेज भेज कर व्यक्ति के खाते से 184,370 रुपये उड़ा लिए।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार रवि कुमार निवासी कसौली जिला सोलन ने पुलिस थाना कसौली में शिकायत दर्ज करवाई कि इसे फोन पर एक SMS प्राप्त हुआ कि पिछले 06 महिने से इसका बिजली का बिल अपडेट नहीं हुआ है। जिस पर व्यक्ति ने शातिर द्वारा बताई ऐप डाउनलोड की तथा ऐप का प्रयोग करने के उपरान्त इसके खाते से कुल 184,370 रुपये निकल गए। शिकायत के बाद पुलिस थाना कसौली में अभियोग अधीन धारा 420,120B भारतीय दण्ड सहिंता में पजींकृत करके आगामी कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

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बता दें कि शातिर ठग आपके मोबाइल पर बिजली बिल के फर्जी मैसेज भेज कर उपभोक्ताओं से अनाधिकृत व्यक्तियों द्वारा फोन पर बिल जमा करने की बात कही जाती है । ठगी करने वाले उपभोक्ता से प्ले स्टोर पर एक एप डाउनलोड करने को कहते हैं और फिर एप करने पर आइपी एड्रेस टाइप का 12 डिजिट का ऑटो जनरेटेड कोड मांगा जाता है उस कोड को बताते ही मोबाइल की समस्त जानकारी अज्ञात व्यक्ति के पास चली जाती हैं। उसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा गूगल पे या अन्य माध्यम से एक खाते से पेमेंट अपने खाते में कर लिया जाता है।

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उपभोक्तओं को बकाया बिजली बिलों के संबंध में एसएमएस के जरिए उन्हें कनेक्शन काटने संबंधी भेजे जा रहे हैं। इसमें एक मोबाइल नंबर रहता है। एक बार उपभोक्ता ने दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो वह उनके जाल में फंस जाता है। उसे पिछले बिजली बिलों के भुगतानों को वेरिफाई करने के उद्देश्य से बैंक खाते की जानकारी शेयर करने के लिए मनाने की कोशिश की जाती है

और साथ ही उनके मोबाइल फोन में एनीडेस्क, टीम व्यूअर जैसे रिमोट एक्सेस एप्लिकेशन इंस्टॉल करने के लिए भी कहा जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति इन जालसाजों द्वारा दिए गए निर्देश का पालन करक जानकारी शेयर करता है, तो साइबर ठगी करने के लिए पीड़ित का बैंक खाता जालसाज के नियंत्रण में आ जाता है और वो खाते से राशि उड़ा लेते हैं।

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