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किसान बिल: मुकेश ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना,विरोध में ट्रैक्‍टरों पर निकाली रोष रैली

किसान बिल के विरोध में कांग्रेस ने निकाली ट्रैक्टर रैली, बिल वापस लेने की मांग

प्रजासत्ता|
किसान बिल को लेकर लोगों का विरोध रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अब शांत हिमाचल में भी इसको लेकर कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री की नेतृत्व में किसान बिल के विरोध व राज्य में अपराध बढ़ने समेत कई तरह के आरोप लगाते हुए कांगड़ मैदान से हरोली तक ट्रैक्टर रैली निकाली| इस मौके पर भारी तादात में लोग ट्रैक्टर लेकर सड़कों पर उतरे और केंद्र और हिमाचल सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा केंद्र की मोदी सरकार ने अब किसानों से धक्का करने का प्रयास किया है, इसका परिणाम भाजपा को भुगतना होगा। अब तक रेलवे, वायुसेवा और कई क्षेत्रों के निजीकरण और उन्हें बेचने के प्रयासों को लेकर कांग्रेस विरोध दर्ज करवाती रही है। लेकिन अब तो भाजपा ने किसानों पर ही हाथ डाल दिया है।

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मुकेश ने कहा वह दिन दूर नहीं है, जब किसान की फसलों के दाम पूंजीपति तय करेंगे। मोदी सरकार द्वारा कृषि विधेयक में किसानों के हित सुरक्षित रखने की कोई बात दर्ज नहीं की है। ऐसा कानून बनाया गया है कि अडानी और अंबानी जैसे पूंजीपतियों को इसका लाभ मिल सके।

किसान अब तक पूरी तरह से स्वतंत्र थे, लेकिन उनकी स्वतंत्रता और उनके संरक्षण को लेकर कुछ भी इस कृषि बिल में शामिल नहीं किया गया है। सीधे तौर पर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने कहा जैसे किसानों को इस बिल के बारे में जानकारी प्राप्त होगी वे विरोध के लिए सामने आने लगेंगे।

नेता विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो काम अंग्रेज नहीं कर पाए वो काम बीजेपी ने कर दिखाया है। आख़िरकार सरकार ने इस बिल में न्यूनतम समर्थन मूल्य क्यों शामिल नहीं किया। बिल के अंदर इसका कहीं भी जिक्र नहीं है। इस बिल के आने से किसान जो आनदाता है वह अधमरा हो जायेगा। यह बिल किसान के हित मे नहीं है। इसके आने से किसानों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ेंगी । आज देश कोरोनाकाल से गुज़र रहा है इस समय इस बिल को लाने की क्या जरूरत थी।

उन्होंने कहा कि आज हिमाचल में हालात खराब हो रहे हैं। अस्पतालों में व्यव्स्था चरमराई है । इस कोरोना काल में हमें संघर्ष करने पड़ रहे हैं क्योंकि हम किसान हैं और हमारी भी जमीन है, अब यह चिंगारी निकल पड़ी है।

पड़ोस के पंजाब राज्य में कैप्टन सरकार ने किसानों के आंदोलन को खुला समर्थन किया है। उन्हें मालूम है कि केंद्र द्वारा अब देश के प्रमुख वर्ग पर हाथ डाला है, इससे किसान चुप नहीं रहेंगे। मुकेश ने कहा केंद्र सरकार के इस किसान विरोधी बिल को लेकर केंद्रीय मंत्री जो अकाली दल से संबंधित थी, उन्होंने इस्तीफा दे दिया। यहां तक कि उनकी पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया है।

उन्हें मालूम है कि किसानों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आत्मघाती है। उन्होंने कहा कांग्रेस पूरी तरह से किसानों के साथ है और इस बिल को लेकर केंद्र से महज यह मांग कर रही है कि बिल में किसानों के हित को सुरक्षित रखने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का निर्धारण भी शामिल किया जाए।

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