Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

असहायों का सहारा बनी प्रदेश सरकार, बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान में सहायक सिद्ध होगी 1100-हेल्पलाइन

Himachal News: with CM Sukhvinder Singh Sukkhu , CM Sukhu Health Updates

शिमला।

हिमाचल प्रदेश की लोकप्रिय सुख की सरकार असहायों को सहारा प्रदान करने के ध्येय के साथ विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रही है। वर्तमान राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों को सहायता प्रदान करने के साथ-साथ बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने में विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इस दिशा में प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्पलाइन-1100 का समुचित उपयोग कर बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करना सुनिश्चित कर रही है।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्यमंत्री ने पशु पालन विभाग को विशेष निर्देश देते हुए कहा कि बेसहारा पशुओं से जुड़े खतरों को रोकने के लिए 1100-हेल्पलाइन में विशेष प्रणाली विकसित की जाए।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेती के प्रति किसानों का रुझान कम होने और सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण बेसहारा पशु भी हैं। बेसहारा पशुओं को आश्रय की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने से इन दोनों समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा और किसान खेतों की ओर रुख करेंगे जिससे उनकी आर्थिकी में बढ़ोतरी होगी।
1100-हेल्पलाइन की नई पहल के अंतर्गत शिकायत दर्ज करने पर यह जानकारी विभाग के संबंधित खंड के पशु अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी जो बेसहारा पशुओं को आश्रय और चारे का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार होंगे। पशु पालन विभाग, वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर वर्तमान गोशाला और गो-अभयारण्यों के लिए चरागाह चिन्हित करेंगे जिससे इन पशुओं के लिए चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध होगी।

इसे भी पढ़ें:  Himachal: भाजपा में गुटबाजी का बवंडर: रमेश धवाला का बगावती कदम, 'असली भाजपा' का ऐलान!

ठाकुर सुख्विंदर सिंह सुक्खू सरकार ने सर्वप्रथम विभिन्न आश्रय स्थलों में रहने वाले निराश्रित और बच्चों के कल्याण के लिए रोडमैप तैयार किया है और अब बेसहारा पशुओं को आश्रय प्रदान करने के लिए भी सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जा रही है।

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल