Google News Preferred Source
साइड स्क्रोल मेनू

पाकिस्तान सुपर लीग से बाहर हुआ ये ऑलराउंडर, रिप्लेसमेंट खोजने में जुटी सरफराज की टीम

[ad_1]

नई दिल्ली: पाकिस्तान सुपर लीग (PSL 2023) में खिलाड़ियों का आना-जाना लगा हुआ है। इस बीच श्रीलंका के स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा पीएसएल से बाहर हो गए हैं। वह सरफराज अहमद की टीम क्वेटा ग्लेडिएटर्स में शामिल नहीं होंगे। श्रीलंका ने उन्हें वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत वापस बुला लिया है। हालांकि हसरंगा आंशिक रूप से उपलब्ध थे। उन्हें 3 मार्च को जाने से पहले छह मैच खेलने के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन फ्रेंचाइजी ने पुष्टि की कि वह लीग से पूरी तरह से बाहर हो गए हैं। फ्रेंचाइजी अब उनका रिप्लेसमेंट खोजने में जुट गई है।

कैस अहमद जल्द हो सकते हैं टीम में शामिल

हसरंगा को पीएसएल की शुरुआत में टीम में शामिल होना था। उनके जाने के बाद अफगानिस्तान के लेग स्पिनर कैस अहमद को पदभार संभालने के लिए तैयार किया गया था, लेकिन हसरंगा की अनुपस्थिति ने ग्लेडियेटर्स के अगले दो मेच में कैस को खेलने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि हसरंगा के लिए रिप्लेसमेंट खोजने का रास्ता खुला हुआ है।

इसे भी पढ़ें:  काइल मेयर्स और मार्क वुड की परफॉर्मेंस देख गदगद हुए मॉर्ने मॉर्कल, बताया टीम के लिए बोनस

हसरंगा एनओसी की मांग नहीं करेंगे

एसएलसी के सीईओ एशले डी सिल्वा ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो को बताया कि हसरंगा एनओसी की मांग नहीं करेंगे। वह नेशनल सुपर लीग के साथ-साथ न्यूजीलैंड में खेलने जाएंगे। ग्लेडियेटर्स इस सीजन में खराब फॉर्म में हैं। वे इस सीज़न में खेले गए तीन में से दो गेम पहले ही हार चुके हैं।

हसरंगा क्रिकेट लीग से दूसरी बार बाहर

इस बीच, लाहौर कलंदर्स द्वारा जॉर्डन कॉक्स को बदलने के लिए साइन किए गए कुसल मेंडिस भी अनुपलब्ध हैं। यह दूसरी बार है जब हसरंगा को पिछले आठ महीनों में फ्रेंचाइजी लीग में खेलने के बाद वापस बुला लिया गया है। उन्हें शॉर्ट नोटिस पर मैनचेस्टर ओरिजिनल्स के साथ अपने हंड्रेड अनुबंध से हटना पड़ा था।

इसे भी पढ़ें:  Virat Kohli से क्यों पीछे रह जाते हैं बाबर आजम? पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर ने बताई वजह

[ad_2]

Source link

YouTube video player
संस्थापक, प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया प्रजासत्ता पाठकों और शुभचिंतको के स्वैच्छिक सहयोग से हर उस मुद्दे को बिना पक्षपात के उठाने की कोशिश करता है, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं और जिन्हें मुख्यधारा की मीडिया नज़रंदाज़ करती रही है। पिछलें 9 वर्षों से प्रजासत्ता डिजिटल मीडिया संस्थान ने लोगों के बीच में अपनी अलग छाप बनाने का काम किया है।

Join WhatsApp

Join Now

प्रजासत्ता के 10 साल