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शाहिद अफरीदी ने बढ़ाया ‘दोस्ती’ का हाथ, BCCI से लगाई ये गुहार

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नई दिल्ली: एशिया कप के आयोजन को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बीसीसीआई सचिव जय शाह पहले ही कह चुके हैं कि एशिया कप पाकिस्तान के बजाय तटस्थ स्थान पर आयोजित किया जाएगा। ऐसे में टीम इंडिया टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान की यात्रा नहीं करेगी। फिलहाल इसके आयोजन को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है, लेकिन टीम के पूर्व कप्तान शाहिद अफरीदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से आग्रह किया है कि वह एशिया कप भाग लेने के लिए अपनी टीम को पाकिस्तान भेजे।

यह युद्ध और झगड़े की पीढ़ी नहीं है

अफरीदी ने दोहा में लीजेंड्स लीग क्रिकेट (एलएलसी) के दौरान मीडिया से कहा- “अगर भारत आता तो वाकई अच्छा होता। यह भारत के लिए क्रिकेट और पाकिस्तान की ओर एक कदम होता। यह युद्ध और झगड़े की पीढ़ी नहीं है। हम चाहते हैं कि रिश्ते बेहतर हों।”

बीसीसीआई एक बहुत मजबूत बोर्ड है

अफरीदी ने आगे कहा- अगर हम किसी से दोस्ती करना चाहते हैं और वह हमसे बात नहीं करता है तो हम क्या कर सकते हैं? इसमें कोई शक नहीं है कि बीसीसीआई एक बहुत मजबूत बोर्ड है, लेकिन जब आप मजबूत होते हैं, तो आपकी अधिक जिम्मेदारी होती है। आप अधिक दुश्मन बनाने की कोशिश नहीं करते हैं। आपको दोस्त बनाने की जरूरत है। जब आप अधिक दोस्त बनाते हैं, तो आप मजबूत हो जाते हैं। भारतीय टीम में अभी भी मेरे दोस्त हैं जब हम मिलते हैं, हम चर्चा करते हैं। दूसरे दिन मैं रैना से मिला और मैंने एक बल्ला मांगा, उसने मुझे बल्ला दिया।

खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंता

पिछले साल अक्टूबर में पाकिस्तानी क्रिकेट अधिकारियों ने संकेत दिया था कि यदि टीम इंडिया एशिया कप के लिए पाकिस्तान नहीं आती तो वह भारत में अगले साल होने वाले विश्व कप से हट सकते हैं। दरअसल, बीसीसीआई की चिंता खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर भी है। पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान स्टेडियम के बाहर बम फट गया था। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों की सुरक्षा की चिंता जायज है। हालांकि शाहिद ने इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि पाकिस्तान खेलों के लिए सुरक्षित देश नहीं है क्योंकि अतीत में कई अंतरराष्ट्रीय टीमों ने देश का दौरा किया है।

कई अंतरराष्ट्रीय टीमें यहां आई थीं

उन्होंने कहा- जहां तक ​​पाकिस्तान में सुरक्षा की बात है, हाल ही में हमारे यहां कई अंतरराष्ट्रीय टीमें आई थीं। हमें भारत से भी सुरक्षा संबंधी खतरों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अगर दोनों देशों की सरकार से अनुमति मिलती है तो दौरा होगा। दौरा नहीं होता है, हम उन लोगों को मौका देंगे। वे बस इतना चाहते हैं कि उनके बीच कोई क्रिकेट न हो।” शाहिद ने कहा- “असली बात यह है कि हम आपस में कभी चर्चा नहीं करते। कम्यूनिकेशन सबसे महत्वपूर्ण है। राजनेता वही करते हैं, वे चर्चा करते हैं। जब तक आप आपस में नहीं बैठेंगे, तब तक कुछ भी हल नहीं होगा। बेहतर होता कि भारत पाकिस्तान आ जाता। हमारी सरकारें एक-दूसरे से बेहतर संबंध चाहती हैं।”

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