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कनिष्ठ प्रधानाचार्य को प्रारंभिक उप निदेशक का कार्यभार सौंपने पर जताया विरोध

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शिमला|
हि.प्र. स्कूल प्रधानाचार्य एवं निरीक्षण अधिकारी संघ ने कनिष्ठ प्रधानाचार्य को प्रारंभिक उप निदेशक का कार्यभार सौंपने का विरोध किया है। आज जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरी शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रधानाचार्य लंबे समय से उपनिदेशक के रूप में पदोन्नतियों का इंतजार कर रहे हैं।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष हरी शर्मा ने बताया कि प्रधानाचार्य की नियमित नियुक्तियां ना होने के कारण प्रधानाचार्य को लंबे समय तक नियमित प्रधानाचार्य के रूप में प्राप्त होने सभी वित्तीय लाभों से वंचित रहना पड़ता है। भारी वित्तीय नुकसान झेलने के पश्चात जब प्रधानाचार्य के रूप में नियमतिकरण होता है तो उपनिदेशक के रूप में स्थाई न्यूक्तियाँ पाने की राह आसान नहीं है।

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हरी शर्मा ने बताया की यह बहुत ही खेद का विषय है कि लम्बे समय से जो प्रधानाचार्य उपनिदेशक के रूप में पदोन्न्ति की आस लगाये बैठें है। उन्हें पदोन्नत करने के स्थान पर विभाग द्वारा कनिष्ठ प्रधानाचार्यो को उपनिदेशक के रूप में अस्थाई न्यूक्तिया प्रदान की गई है जो की नियमों के विपरीत होने के साथ -साथ वरिष्ठ प्रधानाचार्यो के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला निर्णय है।

उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और माननीय शिक्षामंत्री रोहित ठाकुर से माँग की है कि उपनिदेशक के रूप में स्थाई नियुक्तियाँ की जाये और अस्थाई रूप से जितने भी कनिष्ठ प्रधानाचार्य उपनिदेशक के रूप में नियुक्त किये गये है उन्हें कार्यभार मुक्त किया जाये।

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