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आस्था : श्रीबज्रेश्‍वरी देवी के भक्‍त ने चार किलो सोने और 30 किलो चांदी से सुशोभित क्रिया माता का सिंहासन

श्रीबज्रेश्‍वरी देवी के भक्‍त ने चार किलो सोने और 30 किलो चांदी से सुशोभित क्रिया माता का सिंहासन

प्रजासत्ता|
चैत्र नवरात्र के छठे दिन रविवार को माता श्री बज्रेश्वरी देवी के एक भक्त ने माता के सिंहासन को सोने चांदी से सुशोभित किया है। माता रानी के सिंहासन में प्रथम पुज्य गणेश जी की प्रतिमा के अलावा सूर्य देवता भी सुशोभित किए गए हैं। सोने का सिंहासन दान करने वाले भक्त ने मातारानी की रात्रि शैया के लिए चांदी जड़ित पलंग भी देवी चरणों में अर्पित किया है।

गौर योग्य है कि नवरात्र के दौरान देवी को अर्पित करने के लिए तैयार किए जाने वाले सिंहासन तथा चांदी के पलंग को अंबाला के प्रसिद्ध आरके ज्वेलर्स से जुड़े मुख्य स्वर्ण कारीगर बिल्लू वर्मा तथा उनके सहयोगी अमन सोनी, हिमांशु वर्मा और प्रवीण वर्मा ने एक माह की दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद तैयार किया है। इसके लिए मंदिर प्रशासन की तरफ से कड़ी सुरक्षा में एक विशेष कमरा उक्त कार्य को सपंन्न करने के लिए दिया गया था।

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मंदिर के वरिष्ठ पुजारी राम प्रशाद शर्मा ने बताया माता बज्रेश्वरी देवी में गहरी आस्था रखने वाले एक श्रद्धालु ने उपरोक्त सोने चांदी से सुसज्जित सिंहासन को मां के चरणों में भेंट किया हैै। इस कार्य में लगभग चार किलो सोना तथा 30 किलो चांदी का इस्तेमाल किया गया है।

सिंहासन भेंट करने वाले दानी सज्जन हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 20 टीन देसी घी भी देवी के चरणों में भेंट करते है। देवी सिंहासन के शोभायमान होते ही देखने के लिए दर्शानार्थियों की भीड़ उमड़ना शुरू हो गई थी। वहीं मंदिर अधिकारी दलजीत शर्मा ने बताया मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं में शारीरिक दूरी का ध्यान रखा जा रहा है।

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