Shimla News: शिमला जिला के रामपुर बुशहर उपमंडल की ग्राम पंचायत देवनगर के गांव नेरी के रहने वाले हिमांशु भारती ने प्रतिष्ठित यूजीसी नेट (UGC-NET) परीक्षा उत्तीर्ण कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 4 फरवरी 2026 को घोषित परिणामों में उनकी सफलता सामने आने के बाद परिवार और गांव में खुशी का माहौल है।
हिमांशु भारती की शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय जाखू, शिमला से हुई, जहां उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) से समाज कार्य (Social Work) विषय में स्नातक डिग्री हासिल की। पढ़ाई के साथ-साथ हिमांशु ने समाज को नजदीक से समझने का प्रयास किया।
स्नातक के दौरान उन्होंने कई गैर-सरकारी संगठनों के साथ मिलकर विशेष रूप से सक्षम बच्चों के लिए कार्य किया। साथ ही सामुदायिक परियोजनाओं से जुड़कर उन्होंने ग्रामीण जीवन की वास्तविक समस्याओं को समझा। खास तौर पर रामपुर क्षेत्र में खेती, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी चुनौतियों को उन्होंने अपने अनुभव से जाना।
वर्ष 2018 में जब उनका परिवार शिमला से रामपुर शिफ्ट हुआ, तब हिमांशु ने समाज कार्य में ही स्नातकोत्तर (MSW) की पढ़ाई शुरू की। इस दौरान उन्होंने कल्याण विभाग, पंचायती राज और मनरेगा जैसे विषयों पर गहराई से काम किया।
फील्ड वर्क के अंतर्गत उन्होंने बिलासपुर सदर में भानुपल्ली रेल लाइन परियोजना के लिए सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा रामपुर की ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़ी चुनौतियों और उनके ग्रामीण समुदायों पर पड़ने वाले प्रभाव पर एक विस्तृत शोध परियोजना भी पूरी की।
हिमांशु की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का भी बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता ओम प्रकाश भारती पिछले 19 वर्षों से साक्षरता अभियान, वैज्ञानिक जागरूकता और स्वास्थ्य से जुड़े सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। वहीं उनकी माता आशु भारती भी महिला सशक्तिकरण और समाज सेवा के क्षेत्र में लगातार काम करती रही हैं।हिमांशु भारती की इस सफलता को क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।
















