LPG Shortage India: देश में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कमी अभी भी बनी हुई है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ईरान के बढ़ते हमलों की वजह से भारतीय तेल और गैस के जहाज फंस गए हैं। इस इलाके से जहाज निकालना अब बहुत खतरनाक हो गया है। ऐसे में गैस की यह कमी काफी दिनों तक रह सकती है। केंद्र सरकार ने भी इस बात के संकेत दिए हैं।
सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन राज्यों को कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई 30 फीसदी तक बढ़ाने का ऑफर दिया गया है, जो पीएनजी (पाइपलाइन से आने वाली प्राकृतिक गैस) के नेटवर्क को जल्दी बढ़ाएंगे।
लोगों से अपील की गई है कि गैस, पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई हो रही है। अब तक 12 हजार से ज्यादा छापेमारी की गई और 15 हजार से अधिक एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि एलपीजी की सप्लाई की हालत चिंता वाली है। इसलिए घरों में खाना पकाने के लिए गैस का समझदारी से उपयोग करें। एलपीजी पर कम निर्भर होने के लिए पीएनजी के पाइपलाइन नेटवर्क को तेजी से फैलाया जा रहा है। जरूरी वस्तु कानून के तहत जमाखोरी रोकने के लिए देशभर में कड़े फैसले लिए गए हैं।
सरकार ने बैकअप प्लान भी तैयार किया है। कमर्शियल एलपीजी का स्टॉक राज्यों को सौंपा गया है और उन्हें इस्तेमाल की प्राथमिकता तय करने को कहा गया है। अब तक 15 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने एलपीजी बांटने के नए नियम जारी कर दिए हैं।
खाना पकाने और दूसरी जरूरतों के लिए राज्यों को 48 हजार किलोलीटर अतिरिक्त मिट्टी का तेल दिया गया है। पेट्रोल और डीजल में कोई कमी नहीं है क्योंकि भारत इनमें आत्मनिर्भर है। घरेलू एलपीजी का उत्पादन 40 फीसदी बढ़ा दिया गया है ताकि हालात काबू में आएं।
पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को आदेश दिए गए हैं कि जो लोग चाहें उन्हें तुरंत कनेक्शन मिले। पीएनजी लेने वालों से कहा गया है कि वे अपना पुराना एलपीजी सिलेंडर जल्दी सरेंडर कर दें। शहरों में कमर्शियल यूजर्स को भी एलपीजी छोड़कर पीएनजी पर आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए आसान तरीके और कुछ फायदे भी दिए जा रहे हैं।
ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग अब 94 फीसदी तक बढ़ गई है। कई जगहों पर सरकारी मदद से व्यावसायिक सप्लाई फिर शुरू हो गई है। शिवालिक और नंदा देवी जैसे टैंकर भारत पहुंच चुके हैं, लेकिन पहले की रुकावट का असर अब भी दिख रहा है।
गैस एजेंसियों के बाहर लोग सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं। कुछ लोग ब्लैक में 3000 रुपये देकर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। लोग बार-बार पूछ रहे हैं कि यह कमी कब खत्म होगी? कुछ लोग घबराहट में ज्यादा बुकिंग भी कर रहे हैं, जिससे बचने की अपील सरकार ने की है।
सरकार ने साफ कहा है कि घरों तक एलपीजी की सप्लाई जारी रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि एलपीजी सीमित है, लेकिन जहां पीएनजी नेटवर्क उपलब्ध है वहां लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेना चाहिए।
ऑनलाइन बुकिंग 93 फीसदी बढ़ी है, इसलिए डीलर के पास लाइन लगाने की जरूरत नहीं। बुकिंग करने के बाद घर पर इंतजार करें, सिलेंडर खुद पहुंच जाएगा। सऊदी अरब और यूएई से सप्लाई प्रभावित होने से भारत ने कमर्शियल और उद्योगों की एलपीजी कम कर घरेलू इस्तेमाल को प्राथमिकता दी है। बता दें कि अगले 10 दिनों में सरकार और कदम उठाने वाली है ताकि रसोई गैस की यह समस्या जल्द खत्म हो सके।


















