Shimla HRTC Taxi Service: राजधानी शिमला में एचआरटीसी की टैक्सी सेवा एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। यात्रियों का आरोप है कि टैक्सी सेवा का संचालन नियमों के अनुसार नहीं हो रहा, बल्कि चालक अपनी मनमर्जी से गाड़ियां खड़ी कर ड्यूटी छोड़ देते हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ताजा मामला उस समय सामने आया जब दिन के समय एक एचआरटीसी टैक्सी तवी मोड़ के पास खड़ी पाई गई। यह टैक्सी जिला न्यायालय से शिमला सीटीओ तक चलती है। जब इस बारे में संबंधित इंचार्ज से जानकारी ली गई, तो पहले उन्होंने कहा कि सभी टैक्सियां नियमित रूप से चल रही हैं। बाद में उन्होंने कहा कि वह चालक से पूछकर जानकारी देंगे कि टैक्सी क्यों खड़ी की गई है।
इंचार्ज द्वारा एक अन्य चालक का नंबर देने पर जब उससे संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि आज केवल एक ही टैक्सी चल रही है। इसके बाद इंचार्ज ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि संबंधित टैक्सी खराब होने के कारण खड़ी की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नया मामला नहीं है। अक्सर देखा गया है कि चालक तय समय से पहले ही टैक्सी खड़ी कर देते हैं और ड्यूटी छोड़कर चले जाते हैं। इससे यात्रियों को समय पर सुविधा नहीं मिल पाती और उन्हें वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
इस तरह न केवल एचआरटीसी को आर्थिक नुकसान होता है बल्कि कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिन लगता है। टैक्सी सेवा की नियमित निगरानी की जानी चाहिए और लापरवाही बरतने वाले चालकों व जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता को बेहतर और भरोसेमंद परिवहन सुविधा मिल सके।

















