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मध्य पूर्व तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर, एक और LPG टैंकर ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य किया पार

Middle East Tension: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। भारत से जुड़े एक एलपीजी टैंकर ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध के बावजूद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सफलतापूर्वक पार कर लिया है।
Published on: 3 May 2026
Middle East tension India LPG tanker

Middle East Tension India LPG Tanker: वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में गिने जाने वाले हॉर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात किया जाता है। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के आपसी गतिरोध के कारण इस महत्वपूर्ण मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह से रुक गई थी।

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, भारत से जुड़े एक और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर ने सफलतापूर्वक फारस की खाड़ी में मौजूद इस संकरे समुद्री रास्ते को पार कर लिया है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर भारत को एक बड़ी राहत मिली है।

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह जहाज मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाला पोत ‘सर्व शक्ति’ है। यह विशाल गैस वाहक पोत लगभग 45,000 टन एलपीजी (खाना पकाने के ईंधन के रूप में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली) लेकर आगे बढ़ रहा था।

शनिवार को ईरान के लारक और केशम द्वीपों के पास से गुजरने के बाद इसे ओमान की खाड़ी में प्रवेश करते हुए देखा गया। माना जा रहा है कि यह जहाज अपने गंतव्य भारत की ओर जा रहा है। ‘सर्व शक्ति’ नामक यह पोत पहले भी फारस की खाड़ी और भारतीय बंदरगाहों के बीच नियमित रूप से संचालित होता रहा है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल और नाकाबंदी का प्रभाव
ईरान से जुड़े संघर्ष की शुरुआत के बाद से इस क्षेत्र में चलने वाले पोतों द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत कड़े कदम उठाए गए हैं। इस प्रोटोकॉल के अनुसार, यह पोत वर्तमान में अपने भारतीय गंतव्य और चालक दल के विवरण का लगातार प्रसारण कर रहा है। इस जहाज की यात्रा को इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह ईरान से जुड़े जहाजों को निशाना बनाकर अमेरिका के नेतृत्व में शुरू की गई नाकाबंदी के बाद भारत से जुड़े किसी टैंकर की पहली यात्रा है।

इन प्रतिबंधों और नाकाबंदी के कारण हॉर्मुज स्ट्रेट से टैंकरों का आवागमन लगभग शून्य हो गया था, जिससे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में से एक पूरी तरह से बाधित हो गया था। ‘सर्व शक्ति’ उन सबसे बड़े जहाजों में से एक है जिन्होंने पिछले महीने स्ट्रेट के संक्षिप्त और अव्यवस्थित रूप से फिर से खुलने के बाद से इस मार्ग से यात्रा की है। इसके तुरंत बाद नए प्रतिबंध लगा दिए गए थे, जिससे इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया था।

एलएनजी खेप और नाकाबंदी में ढील के संकेत
पिछले महीने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिम एशिया में 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की पहली खेप होर्मुज स्ट्रेट से गुजरी है, जो कि नाकाबंदी में ढील के संकेत देता है। इस यात्रा से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी सकारात्मक संकेत पहुंचे हैं।

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, एलएनजी टैंकर ‘मुबाराज’ ने मार्च की शुरुआत में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के दास द्वीप प्लांट से माल लोड किया था और यह भारत के दक्षिणी छोर से गुजरा था। यह जहाज कई हफ्तों तक फारस की खाड़ी में निष्क्रिय रहा और लगभग 31 मार्च से उसने सिग्नल भेजना बंद कर दिया था, जिसके बाद सोमवार को यह जहाज भारत के पश्चिम में फिर से दिखाई दिया।

यह पूरी यात्रा उस समय संपन्न हुई है जब वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए मध्य पूर्व के देशों पर काफी हद तक निर्भर है, और ऐसे समय में जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित थी, इस एलपीजी टैंकर की सफल आवाजाही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक विकास है।

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